गेहूं के भंडारण की समस्या हुई गंभीर
मंडल में दो लाख बाइस हजार पांच सौ मीट्रिक टन गेहूं खरीद का है लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मंडल में गेहूं खरीद की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंडल में दो लाख बाइस हजार पांच सौ मीट्रिक टन खरीद लक्ष्य के सापेक्ष तीनों जिलों में गेहूं खरीद जारी है। उधर, इसके भंडारण के लिए अब तक ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी है। फिलहाल, केवल पांच रैक यानी 12,500 मीट्रिक टन गेहूं भंडारण के लिए जिले के बाहर भेजने की योजना एफसीआई की तरफ से तैयार की गई है।
पिछले वर्ष भी गेहूं खरीद के बाद भंडारण की योजना बनाई गई लेकिन इसे अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका। जिससे सितंबर तक गेहूं एफसीआई के गोदाम में ही रखा गया। इस बार मंडल के बस्ती जिले में गेहूं खरीद का लक्ष्य 84,500 मीट्रिक टन, सिद्धार्थनगर में 49,500 तथा संतकबीर नगर में 88,500 मीट्रिक टन यानी कुल दो लाख बाइस हजार पांच सौ मीट्रिक टन रखा गया है। इसके सापेक्ष तीनों जनपदों में भंडारण की क्षमता 1.18 लाख मीट्रिक टन की ही है।
पीडीएस के लिए होने वाली निकासी से तीन माह में 84,318 मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण के लिए जगह खाली होगी। इसके सापेक्ष 10 हजार टन सरकारी चावल रखा जाएगा। इसके अलावा 35,500 मीट्रिक टन के भंडारण के लिए जगह चिह्नित की गई है। फिर भी 1.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण के लिए और जगह की जरूरत होगी।
आरएफसी की जिम्मेदारों का कहना है कि रैक से 20 हजार टन गेहूं बाहर भेजने की कार्ययोजना बनाई गई है। आरएफसी ने एफसीआई को पत्र लिखकर कहा है कि कुशीनगर स्थित गोदाम में 50 हजार टन गेहूं रखने की जगह है, वह उन्हें दिलाने की व्यवस्था करें। यह व्यवस्था हो गई तब भी मंडल में करीब 43 हजार मीट्रिक टन गेहूं के भंडारण के लिए जगह की जरूरत पड़ेगी। उधर, सूत्रों का कहना है कि सिद्धार्थनगर में रैक प्वाइंट है ही नहीं। संतकबीर नगर का रैक प्वाइंट गीडा है। ऐसे में केवल बस्ती में ही रैक प्वाइंट है, जहां केवल पांच रैक लगाने की कार्ययोजना एफसीआई ने दी है।
आरएफसी श्रीप्रकाश मिश्र कहते हैं कि गेहूं भंडारण में थोड़ी दिक्कत आ रही है। इस समस्या के समाधान की कोशिश की जा रही है। जितनी खरीद हो रही है, उसके सापेक्ष जो स्थान सीडब्ल्यूसी व एफसीआई गोदाम में है, उसमें गेहूं भंडारित किया जाने लगा है। अवशेष के लिए व्यवस्था की जा रही है।