सल्टौआ क्षेत्र से गुजरने वाली सूखी नहर।
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सल्टौआ। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए दावा करते नहीं अघा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस समय जब खेतों को पानी की जरूरत है तो सूखी नहरों की दशा देखकर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि अधिकारी सरकार के दावों पर कितने गंभीर हैं।
किसानों की सुविधा के लिए सल्टौआ क्षेत्र में किसानों की जमीन को अधिग्रहित कर 25 किमी सरयू नहर खंड-चार के नाम से नहरों का जाल बिछाया गया है। वह इस नाते कि समय समय पर फसलों की सिंचाई की आवश्यकता पड़ने पर किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा, लेकिन फसल की सिंचाई के समय नहरें सूखी रहती हैं। यही नहीं कभी-कभार पानी आ भी गया तो नहरों की शाखाओं में पानी नहीं पहुंचता है। जिससे किसान अपने खेत की सिंचाई नहीं कर पाता। विभाग इसके लिए कोई पहल भी नहीं कर रहा है कि आसानी से किसानों के खेतों तक पानी पहुंच जाए। किसान गिरजेश कुमार, रंगीलाल, रामकृष्ण, रामदेव, द्वरिका, गंगाराम, सुनील कुमार, हरीराम, झिनकान, रामकृष्ण, रामसुरेश, लवकुश, नईम शाह का कहना है कि गेहूं की सिंचाई इस समय करने योग्य तैयार है, लेकिन नहर में पानी नहीं है, समय से सिंचाई नहीं किया गया तो फसल प्रभावित हो जाएगा और लागत से कम अनाज पैदा होगा।