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वीएल बांध का दो नंबर ठोकर क्षतिग्रस्त

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वीएल बांध का दो नंबर ठोकर क्षतिग्रस्त
सरयू नदी का जलस्तर 92.890 मीटर पहुंचा
ईंट, रोडों से ठोकर का मरम्मत कार्य शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। बारिश के चलते नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के मुताबिक सोमवार को जलस्तर 92.880 मीटर पहुंच गया है। इससे लोलपुर-विक्रमजोत (वीएल) तटबंध का ठोकर नंबर दो का नोज कट कर नदी में समा गया है।
सरयू के बढ़ने से तटबंध के ठोकरों पर नदी का दबाव बढ़ गया है। धारा केशवपुर गांव से टकराकर सीधे ठोकर नंबर दो से टकरा रही है। ठोकर नंबर दो का अगला हिस्सा समेत एक तरफ की पिचिंग व ठोकर का कुछ हिस्सा नदी में समा गया। बाढ़ खंड के जिम्मेदार ग्रामीणों की सूचना पर पहुंचे और ईंट, रोड़ों की व्यवस्था से ठोकर को बहने से बचाने का काम शुरू कर दिए हैं। ग्रामीणों की मानें तो तटबंध पर बारिश के पहले न तो मरम्मत का काम हुआ और न ही रैटहोल ही भरे गए हैं, जिसके चलते बचाव सामग्री तटबंध पर बहुत मुश्किल से पहुंच पा रही है। रास्ते में कीचड़ और गड्ढे हैं।
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लगातार चल रहा कटान का सिलसिला
सरयू नदी का पानी करार से ऊपर बह रहा है। गांवों की खेती योग्य जमीन लगातार सरयू में विलीन हो रही है। केशवपुर, रानीपुर कठवनियां, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, चांदपुर, सहजौरा पाठक, संदलपुर समेत आधा दर्जन से अधिक गांवों में तेज कटान से ग्रामीणों में दहशत है। ठोकर नंबर दो के कटने की खबर से हड़कंप मच गया है। भदोईं के मिथिलेश वर्मा, विनोद सिंह, राम नरेश, केशवपुर के शैलेंद्र कुमार मिश्र, जगदम्बा प्रसाद, अनिल कुमार, रमेश कुमार, कल्यानपुर के हेमन्त पाण्डेय, भरथलाल, उमेश, जितेंद्र सिंह, नन्हकू यादव, फागू, बहरैची बाघानाला के दुखी, अमित पाण्डेय, विनोद कुमार समेत तमाम ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ खंड अपने प्रोजेक्ट को ही बचा पाने में सक्षम नहीं है तो गांव कैसे बचाएगा।
नदी के दबाव से कटा ठोकर: जेई
लोलपुर-विक्रमजोत बांध पर तैनात बाढ़ खंड के अवर अभियंता मकलूराम ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से रात में नदी का दबाव अचानक ठोकर नंबर दो पर ज्यादा बढ़ गया। इससे नोज का पूर्वी हिस्सा धंसने लगा था। पूरी रात राहत कार्य चला है और जमा ईंट और पत्थर मंगाया जा रहा है बरसात के कारण खराब रास्ते को भी ठीक कराया जा रहा है।

20 मीटर बांध का स्लोप कटा
रामपुर-कलवारी तटबंध पर भी दबाव
अमर उजाला ब्यूरो
कुदरहा। सरयू नदी के उफान से एक बार फिर रामपुर-कलवारी तटबंध पर बाढ़ के पानी का दबाव बढ़ गया है। कटान के चलते तीन ठोकरों को काफी क्षति पहुंची है। मटियरिया के पास 20 मीटर की लम्बाई में बंधे का स्लोप कट गया है।
बरसात के चलते तटबंध से जुड़े दोनों सम्पर्क मार्गों की हालत दयनीय हो गई है। इससे तटबंध पर रोड़ा और पत्थर पहुंचाना कठिन हो गया है। तहसीलदार अनिल कुमार रस्तोगी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। सरयू नदी के बढ़ते जल स्तर और रुक-रुक कर हो रही कटान के चलते मटियरिया के पास बना पुराना ठोकर एक नंबर का नोज बैठ गया है। ठोकर नंबर पांच के आसपास का पौड़ा (पिचिंग) बैठ गया है। इसी तरह ठोकर तीन का भी अगला और बगल का हिस्सा करीब 40 मीटर क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हो गया है। अवर अभियंता आर के नायक ने बताया कि कटान के चलते थोड़ा बहुत नुकसान हुआ है लेकिन मुस्तैदी के साथ उसे रिकवर किया जा रहा है।
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खजांचीपुर, बरदिया लोहार में कटान
दुबौलिया क्षेत्र के गांवों पर मंडरा रहा संकट
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर और भीषण कटान से कटरिया-चांदपुर तटबंध के गांवों पर संकट मंडराने लगा है। खंजाचीपुर, बरदिया लोहार और दिलाशपुरा में सरयू नदी लगातार कटान कर रही है।
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बढ़ती नदी से कटरिया-चांदपुर तटबंध पर दबाव बढ़ने लगा है। रविवार की रात से सोमवार तक तटबंध पर कटान नहीं होने से बाढ़ खंड के अधिकारियों ने राहत की सांस ली है। तटवर्ती दर्जनों गांवों पर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर दबाव बना हुआ है। जहां मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। वहीं, कटरिया-चांदपुर तटबंध की मरम्मत में बोल्डर घटिया किस्म का है तो राठ ईंटों की जगह राबिश डाल कर मरम्मत की जा रही है। अधिसाशी अभियंता वीके त्रिपाठी का कहना है कि मिर्जापुर से आ रहे बोल्डर की गुणवत्ता ठीक नहीं हैं। बोल्डर देखने के बाद ही भेजने की कड़ी हिदायत दी गई है। दोबारा ऐसा बोल्डर आया तो उसे वापस भेज दिया जाएगा।
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