रुधौली में बिजली ने उड़ाई नींद
रुधौली। नगर पंचायत रुधौली में बिजली आपूर्ति का सरकारी दावा मुंह चिढ़ा रहा है। 22 घंटे की बात दूर 10 घंटे भी निराशाजनक आपूर्ति मिल रही है।
दिन में धूप और उमस भरी गर्मी झेलने के बाद रात में बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है। आठ से 10 घंटे मिलने वाली बिजली लो वोल्टेज के चलते बेमतलब साबित हो रही है। पिछले दिनों प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 22 घंटे, निकाय क्षेत्रों के लिए 20, तहसील मुख्यालयों पर 18 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 16 घंटे की आपूर्ति व्यवस्था की घोषणा की थी। तहसील मुख्यालय होने के साथ ही रुधौली को नगर पंचायत का दर्जा भी प्राप्त है जिसके अनुसार यहां 20 घंटे की आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन स्थिति इसके ठीक विपरीत है। कस्बे में आठ से 10 घंटे की आपूर्ति से ग्रामीण क्षेत्रों में हालात का अंदाजा लगाया जा सकता है। सुविधा संपन्न लोगों को छोड़कर तमाम वाशिंदों के पास इन्वर्टर भी नहीं है। इस बाबत जब अवर अभियंता राजेश कुमार प्रजापति से बात की गयी तो उन्होंने जनता को ही दोषी ठहराया। कहा कि रुधौली उपकेंद्र की सप्लाई सिद्धार्थ नगर जिले के बांसी केंद्र से आती है। ऐसे में जितनी सप्लाई मिलती है हम उतनी आम जन को दे देते हैं। कहा कि लोग बिना उपयोग के विद्युत उपकरणों को चालू रखते हैं जिससे ओवरलोड की समस्या पैदा होती है। इससे होने वाले लोकल फाल्ट को ठीक करने के लिए विद्युतकर्मी शट-डाउन लेते हैं जो बिजली सप्लाई में बाधक है।
बिजली स्पीकअप
भारी पड़ रही बिजली कटौती
रुधौली कस्बे के अरविंद गुप्ता का कहना है कि जब सरकार अपना वादा निभा नहीं पा रही तो बिजली विभाग से शेड्यूल के मुताबिक आपूर्ति की उम्मीद बेकार है। जनता को उम्मीद की रोशनी दिखाकर अंधेरे की ओर धकेल देना उचित नहीं है। हम आवंटित शेड्यूल के हिसाब से बिजली की मांग करते हैं।
शिवगुलाम सिंह वार्ड के विवेक सिंह का कहना है कि प्रदेश सरकार केवल दिखावे के लिए अधिकारियों पर सख्ती कर रही है। बिजली के मामले में इससे अच्छी सपा सरकार ही थी। अब हालत यह कि दिन क्या रात में भी चैन से सोने को नहीं मिलता है। विभाग इस समस्या पर अपना ध्यान नहीं दे रहा है।
बखिरा मार्ग निवासी प्रमोद गुप्ता ने कहा कि निर्धारित शेड्यूल से बिजली नहीं मिलने से दिनचर्या अस्त व्यस्त हो चुकी है। साथ ही जिम्मेदारों द्वारा शासन के निर्देशों का इस कदर मजाक उड़ाना एक स्वस्थ सुशासन की उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। प्रदेश सरकार को अपने वादे के अनुसार बिजली देनी चाहिए।
बालेश्वरी सिंह वार्ड के सत्येन्द्र सिंह संजू ने कहा कि वर्तमान की प्रदेश सरकार अपने वादे को पूरा करने में नाकाम रही है। इसका सबूत लड़खड़ायी विद्युत के रूप में जनता के सामने है। बिजली विभाग को तो इस संबंध में सोचना ही नहीं है। प्रदेश सरकार भी जनता की इस समस्या पर अपना पूरा संज्ञान नहीं ले पा रही है।