मंडल में गेेहूं खरीद ने इस बार चार वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है। लेकिन इसे भंडारित करने में पसीना छूट रहा है। एफसीआई की ढीले कार्य प्रणाली के चलते 4.80 लाख क्विंटल गेहूं भंडार गृह से बाहर मंडी व अन्य स्थानों पर डंप किया गया है। गेहूं की सुरक्षा को लेकर राज्य सरकार की एजेंसियों के जिम्मेदार परेशान हैं।
एफसीआई के पास भंडारण की क्षमता कम है और पीडीएस के आवंटन के साथ ही स्थान रिक्त होने पर इस गेहूं को भंडारित किया जा रहा है। इधर खरीद के बाद क्रय एजेंसियां केंद्रीय पूल में गेहूं उतारने के लिए परेेशान हैं, क्योंकि जब तक खरीदे गए गेहूं को एफसीआई उतार कर पावती न दे दे तब तक सारी जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की होती है। भंडारण की भी समय सीमा 30 जून तक तय की गई है। इसके बाद एजेंसी द्वारा उतारे गए गेहूं का एक प्रतिशत गेन एफसीआई लेती है। इन स्थितियों को लेकर खरीद एजेंसियों के जिम्मेदार तत्परता बरत रहे हैं।
आरएफसी रवि कुमार ने कहा कि गेहूं क्रय के अंतिम अवशेष की मात्रा का केंद्र वार आंकलन किया जा रहा है। एफसीआई को प्रेषित की जाने वाली मात्रा का प्लान तैयार है। इसके अनुरूप समय सीमा में ही संपूर्ण गेहूं का संप्रदायन कर दिया जाएगा।