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बिगुल बजते ही हरकत में आ गई सरकारी मशीनरी

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अपने-अपने हिस्से का कार्य निपटाने की देखी जा रही होड़ - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। लोकसभा चुनाव 2019 कार्यक्रमों की घोषणा से प्रशासनिक हलके में सरगर्मी बढ़ गई है। पहले से ही कमर कस रही प्रशासनिक मशीनरी में रविवार शाम एकाएक तेजी आ गई। पुलिस पर मतदान केंद्रों और मतदाताओं में शांति व्यवस्था कायम रखते हुए अधिक से अधिक मतदान कराने का माहौल तैयार कराने का जिम्मा है तो प्रशासन यानी जिला निर्वाचन कार्यालय में ईवीएम, वीवीपैट, प्रशासनिक तैनाती से लेकर तमाम प्रबंध पुख्ता करने में पूरी ताकत झोंक दिए हैं।
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डीएम डॉ. राजशेखर व एसपी पंकज कुमार का कहना है कि आदर्श आचार संहिता के मानक के मुताबिक अनुपालन का निर्देश दिया जा चुका है। सरकारी, अर्द्ध सरकारी एवं निजी क्षेत्र के कामकाजी लोगों से मतदाताओं को जागरूक कर मतदान का प्रतिशत बढ़ाने में भूमिका निभाने की अपील की गई है। मतदेय स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने को कहा गया है। यदि व्यवस्था में कोई कमी मिले तो संबंधित अधिकारी से सामंजस्य बनाकर उनको ठीक कराने को कहा गया है।
डीएम के अनुसार आदर्श आचार संहिता लागू होने के 10 घंटे के भीतर चुनाव के प्रचार प्रसार से संबंधित जो भी सामग्री चस्पा हो या पेटिंग हो उसको तत्काल हटवाया जाएगा। इसके लिए सभी उप जिला मजिस्ट्रेटों, तहसीलदारों, पुलिस क्षेत्राधिकारियों व थानाध्यक्षों के साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गए हैं। कार्मिक प्रभारी एवं सीडीओ अरविंद पांडेय के अनुसार मतदान के दिन छाया, पेयजल की विशेष व्यवस्था रखने के साथ ही हर बूथ पर दो वालेंटियर्स का चयन किया जाए जो मतदाताओं को बूथ तक ले जाएंगे। बेहतर कार्य कर मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सहयोग करने वाले वालेंटियरों को चुनाव के पश्चात सम्मानित किया जाएगा।
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