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नए वोटर में 30 से 39 वर्ष के आवेदक
वोटर बनाने के 2226, नाम हटाने के लिए आए 2561 आवेदन
39 वर्ष तक के कई मतदाता सूची से गायब
सोमवार को निर्वाचन आयोग ने वीसी के जरिए की समीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिले की मतदाता सूची पुनरीक्षण में व्यापक पैमाने पर विसंगति उजागर हुई है। इसमें पाया गया कि 30 से 39 वर्ष उम्र वाले सबसे ज्यादा वंचित हैं। यही वजह है कि पुनरीक्षण में इसी आयु वर्ग के सबसे ज्यादा आवेदन बूथों पर आए हैं। 25 से 29 वर्ष आयु वर्ग के भी काफी वंचित पात्रों ने भी मतदाता सूची में नाम जोड़ने का आवेदन किया है। पहली जनवरी 2019 को बालिग होने वाले नवयुवकों/युवतियों को ध्यान में रखकर कराए जा रहे मतदाता पुनरीक्षण में 39 वर्ष तक के आवेदन आने से निर्वाचन आयोग सकते में आ गया।
सोमवार को भारत निर्वाचन आयोग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की तो उक्त तथ्य सामने आए। ऐसे में जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी डॉ. राजशेखर ने इसे अपेक्षित मानदंडों के हिसाब से आपत्तिजनक करार देते हुए सभी एसडीएम और तहसीलदारों को दैनिक आधार पर समीक्षा करके विसंगतियों को दूर करने का निर्देश दिया। डीएम ने आयोग को बताया कि जिले में पहली सितंबर से 13 सितंबर के बीच के 13 दिनों में नए मतदाता बनने के लिए फार्म छह के जरिए 2226 आवेदन प्राप्त हुए। इसी तरह फार्म सात के माध्यम से 2561 नाम हटाने के फॉर्म प्राप्त हुए। आयोग ने उपरोक्त संख्या अपेक्षाकृत कम बताई। डीएम ने सभी एसडीएम, तहसीलदारों को अपने विधानसभा क्षेत्र में मतदाता आवेदन (फार्म 6 व 7) बढ़ाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। सभी पात्र दिव्यांग जन और महिला मतदाता को मतदाता सूची में शामिल करने, कोई भी पात्र व्यक्ति न छूटने की अपेक्षा व्यक्त करते हुए डीएम प्रत्येक मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा करेंगे। अधिकारियों को एक दिन, एक गांव के आधार पर सर्वेक्षण की सलाह दी गई। डीएम ने पर्यवेक्षण के लिए ऐसे गांवों का चयन करने का सुझाव दिया, जहां 30 से 39 आयु वर्ग के काफी कम अथवा काफी अधिक संख्या में प्रार्थनापत्र प्राप्त हुए हैं। ऐसे बूथों का भी चयन कर सकते हैं, जहां महिला मतदाताओं की संख्या काफी कम है। इस दौरान एडीएम, सभी एसडीएम, तहसीलदार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।