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ओडीएफ गांव में अधूरा शौचालय देख डीएम बिफरे

Gorakhpur Bureau Updated Thu, 13 Sep 2018 12:19 AM IST
ओडीएफ गांव में अधूरा शौचालय देख डीएम बिफरे
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बखरिया गांव के दौलतपुर में पहुंचे डीएम, जिम्मेदारों के कसे पेंच
अमर उजाला ब्यूरो
बनकटी। बखरिया गांव में डीएम डॉ. राजशेखर का तेवर खासा कड़ा रहा। औचक निरीक्षण में तमाम खामियां देख उनकी भौंहे तन गईं। जिम्मेदारों को हिदायत दी। कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। ओडीएफ की सूची में शामिल दौलतपुर में अधूरा शौचालय देखकर डीएम ने सेक्रेट्री प्रकाश मोहन व एडीओ पंचायत को हिदायत दी। युवा कल्याण अधिकारी अरुण कुमार पांडेय, एडीओ को-ऑपरेटिव मनोज कुमार चतुर्वेदी सहित तीन अधिकारियों की कमेटी गठित कर ओडीएफ के सभी गांवों के निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालयों की प्रगति रिपोर्ट हर दिन शाम तीन बजे तक तलब किया है।
बुधवार की सुबह डीएम बखरिया प्राथमिक विद्यालय पर अचानक पहुंच गए। यहां प्रधान के प्रतिनिधि व ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। डीएम ने स्कूल के पठन-पाठन, विधवा, वृद्धा, दिव्यांग पेंशन के साथ प्रधानमंत्री आवास के प्रगति की जानकारी ली। ग्रामीण रामकिशुन व रामलौट से कोटे का खाद्यान्न मिलने की बात पूछी।। इसके बाद वे बेसलाइन सर्वे के आधार पर बने सूची का सत्यापन करने में जुट गए। बीडीओ संजय नायक से शौचालय निर्माण की प्रगति पूछा तो वे सेक्रेट्री व एडीओ पंचायत की ओर देखने लगे। इसके बाद डीएम ने गांव में बनाए जा रहे छह शौचालयों को दिखाने को कहा। यहां तत्काल खोदे गए गड्ढों को देख उनका माथा गरम हो गया। सेक्रेट्री व एडीओ पंचायत को चेेतावनी दी। गांव के जितेंद्र शुक्ल ने डीएम से आवास की मांग करते हुए अपना छप्पर का आवास दिखाया, जिस पर उन्होंने एडीओ पंचायत को जॉब कार्ड बनाकर रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बीएलओ मंजू से नए मतदाताओं के बारे में पूछताछ की मगर वह कुछ बता नहीं पाईं।
फोटो..
फर्जी आंकड़ेबाजी पर पंचायत सचिव निलंबित
शौचालय निर्माण से संबंधित दिया था मनमानी रिपोर्ट
बनकटी ब्लॉक की दौलतपुर ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। बनकटी विकास खंड के दौलतपुर गांव के मतदाता सूची पुनरीक्षण और स्वच्छ भारत मिशन के तहत कार्यों औचक निरीक्षण करने पहुंचे डीएम डॉ. राजशेखर गांव की दशा देखकर हैरान रह गए। रिकॉर्ड में अपेक्षित शौचालयों का निर्माण कार्य पूरा दिखाया गया था, लेकिन हकीकत इससे उलट पाए जाने पर डीएम ने घोर लापरवाही बरतने पर ग्राम पंचायत सचिव प्रकाश मोहन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही एडीओ (पी) रामप्रकाश पांडेय को प्रतिकूल प्रविष्टि और बीडीओ संजय नायक को सख्त लिखित चेतावनी दी।
डीएम ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने मौखित व लिखित रूप से मनरेगा एवं अन्य निर्माण कार्य के संबंध में शिकायत की। जिसे संज्ञान लेते हुए डीएम ने सीडीओ और डीपीआरओ को जांच-पड़ताल कर 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दे दिया। रेंडम आधार पर गांव का निरीक्षण के लिए चयन करके संबंधित अधिकारियों को कल रात 10 बजे इसकी जानकारी दी गई और डीएम आज सुबह सात बजे गांव में जा पहुंचे। तो पाया कि तमाम शौचालयों के गड्ढे खोदे जा रहे थे। डीएम जब खुली बैठक में लाभार्थियों का नाम पढ़ने लगे तो पाया कि 2011 में बेसलाइन सर्वेक्षण के दौरान 18 गलत प्रविष्टियों के संबंध में कोई पहल नहीं की गई। सचिव ने बीडीओ और डीपीआरओ को कुछ महीने पहले ही गलत प्रविष्टियों को सही करने का अनुरोध पत्र भेजने को कहा। तो डीएम ने डीपीआरओ और बीडीओ को 15 सितंबर तक इसकी भी जांच करने को कहा कि उक्त प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने डीएम से बताया कि खाद्यान्न वितरण में तमाम दिक्कत है। उन्हें केवल 10 किलोग्राम चावल और 10 किलोग्राम गेहूं मिल रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सदर तहसील के एनटी को व्यक्तिगत रूप से सत्यापित करके 20 सितंबर तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया। इस दौरान एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, तहसीलदार सदर, बीडीओ बनकटी और एडीओ (पंचायत) साथ रहे।

बस्ती को मिले 46 सेक्रेट्री
बस्ती। ग्राम पंचायतों में संचालित योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए शासन ने जनपद को 46 ग्राम विकास अधिकारी दिया है। हाल ही में चयनित सेक्रेट्री सीएम से मिले जिला आवंटन पत्र को लेकर बुधवार को विकास भवन पहुंचे।
डीडीओ नीरज कुमार श्रीवास्तव ने सभी के प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया। शासन ने लखनऊ में एक समारोह आयोजित कर हाल ही में चयनित तीन हजार से अधिक ग्राम विकास अधिकारियों को जनपद आवंटन प्रमाण पत्र सौंपा था। इसमें से 46 ग्राम विकास अधिकारियों की तैनाती जिले में की गई है। यहां तैनात ग्राम विकास अधिकारियों ने जरूरी प्रमाण पत्रों के साथ जिला विकास अधिकारी कार्यालय पहुंच कर अपना योगदान प्रस्तुत कर अपने कागज का सत्यापन कराया। जिला विकास अधिकारी ने बताया कि 15 दिनों का प्रशिक्षण करा कर इनकी तैनाती ग्राम पंचायतों में कर दी जाएगी। इस अवसर पर ग्राम विकास अधिकारी संगठन की तरफ से मंडल अध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय, जिलाध्यक्ष मनोज कुमार यादव, मंत्री अमरनाथ गौतम एवं फिरोज ख़ान आदि ने नव ग्राम पंचायत अधिकारियों का स्वागत किया।


टॉस्क फोर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
18 ग्राम पंचायतों की 90 टीमों को दिया गया प्रशिक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
साऊंघाट। ब्लॉक सभागार में ग्राम पंचायत विकास योजना निर्माण टॉस्क फोर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण बुुुधवार से शुरू हुआ। इसका शुभारंभ उपनिदेशक पंचायती राज ने किया। ब्लॉक की सत्रह ग्राम पंचायतों में गठित पांच-पांच टॉस्क फोर्स को प्रशिक्षित किया गया।
प्रशिक्षक महावीर सिंह ने टॉस्क फोर्स टीम को सक्रिय करने, ग्राम पंचायत के विकास को बढ़ावा देने, ग्राम पंचायत के आवश्यक कार्यों को वरीयता के आधार पर पूरा कराने पर अपनी बात रखी। कहा कि ग्राम पंचायतों में विकास योजना की सहभागी योजना बनाकर विकसित करना टॉस्क फोर्स का उद्देश्य है। इसमें समुदायों के साथ सीमांत एवं वंचित वर्ग, महिलाएं, बच्चों, दिव्यांग, मानसिक रूप से कमजोरों को जागरूक कर विकास के आयाम को जोड़ना है। राजिया खातून ने ग्राम पंचायतों के प्राथमिकताओं को चिह्नित करते हुए कहा कि टॉस्क फोर्स विकास के लिए योजना का निर्माण करेगा। वह ग्रामीणों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सरकारी समितियां, वित्तीय स्वशासी संस्थाएं, समुदाय की निजी पूंजी तथा पंचायतों की ओर से स्वयं की अर्जित आय के योगदान पर ध्यान देकर ग्राम पंचायतों को विकसित करना है। ट्रेनर संतोष विक्रम पांडेय ने बताया कि आज 18 ग्राम पंचायतों की 90 टॉस्क फोर्स टीम को प्रशिक्षित किया गया है। इस मौके पर ज्ञानमती, कुशलावती, आरती, मंजूलता, अभिजीत, विशाल, शिवम, रमेश, रविप्रताप, उदयभान यादव, शशि प्रताप सिंह आदि प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

17 रोजगार सेवकों को कारण बताओ नोटिस
सल्टौआ। ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों में तैनात रोजगार सेवकों को समीक्षा बैठक में न आने पर बीडीओ ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इनका एक दिन का मानदेय काटने का भी बीडीओ ने निर्देश जारी किया है। बीडीओ मंजू त्रिवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत अजगैवाजंगल, बहेरिया, अमरौली शुमाली, औड़जंगल, बेलवाडाड़, आहार, बांसापार, बेतौहा, दसिया, कोठिली, मुंगरहा, मुरादपुर, सेहमो, शिवपुर, तेनुआ, विशुनपुर, परसा लंगड़ा के रोजगार सेवक निर्देशित करने बाद भी समीक्षा बैठक में उपस्थित नहीं हुए। इसके कारण ग्राम पंचायत के मनरेगा के कार्यों की समीक्षा नहीं की जा सकी। ऐसे में इन्हे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यदि वे दो दिन के अंदर स्पष्टीकरण नहीं देते हैं तो उच्चाधिकारियों को कार्रवाई की संस्तुति दे दी जाएगी। इनके एक दिन के वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।

अर्जक संघ का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
बस्ती। देश में एक समान शिक्षा नीति लागू करने की मांग को लेकर अर्जक संघ ने कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन किया। धरना के बाद राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया।
जिलाध्यक्ष गौरीशंकर ने कहा कि देश में संविधान लागू हुए 68 वर्ष बीतने वाले हैं, लेकिन उनमें दी गई व्यवस्थाओं को लागू न हो पाने से छह वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चे अनिवार्य निशुल्क शिक्षा से वंचित हैं। संयुक्त मंत्री उमेश चंद्र वर्मा ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य राष्ट्रीय भावना जागृत करना है। पूर्व मंत्री राधेश्याम ने मांग उठाई कि शिक्षा में एकरूपता लाने के लिए संविधान में संशोधन कर उसे केंद्रीय विषय बनाया जाए। धरना को शोषित समाज दल के प्रांतीय उपाध्यक्ष राम सुभग मौर्य, गिरजा शंकर पटेल, सिद्धनाथ प्रजापित नंदलाल चौधरी, राम बुझारत मौर्य, रामज्ञान चौधरी, शिवाजी पासवान, सियाराम मौर्य, जगराम वर्मा ने भी संबोधित किया। इस मौके पर आनंद कुमार बौद्ध, कपिल देव, राम बहोर चौधरी, मोहनलाल, राम हरक, शिव कुमार चौधरी, जयराम,सरोज कुमारी, धर्मेद्र कुमार, रामदेव, रामसूरत पटेल आदि मौजूद रहे।

कार्यशाला में दिए गए जेम पोर्टल के टिप्स
सामग्री एवं सेवाओं के क्रय के लिए जेम पोर्टल का होगा प्रयोग
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शासन के निर्देश व डीएम के निर्देशन में जिले के सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को जेम पोर्टल/गर्वेमेंट ई-मार्केट प्लेस के टिप्स दिए गए। विकास भवन सभागार में बुधवार को डीडीओ एनके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य शासकीय विभागों में सामग्री एवं सेवाओं के क्रय के लिए इसका प्रयोग किया जाए।
इसके तहत सभी शासकीय विभागों को इस पोर्टल पर उपस्थित 50 हजार से अधिकतम सीमा की कोई भी सामग्री क्रय की जानी है। यही नहीं खरीद के अन्य शासकीय नियमों का पालन भी अनिवार्य है। जिलास्तर पर क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी है, जिसमें सीडीओ, कोषाधिकारी, श्रम विभाग के अधिकारी सदस्य हैं। जबकि जिला उद्योग केंद्र के अधिकारी इसके सदस्य संयोजक है। बताया गया कि सभी विभागों के शासकीय ई-मेल के माध्यम से पंजीकरण होगा। जिसका एक पासवर्ड विकसित किया जाएगा। इसमें प्राइमरी आहरण-वितरण अधिकारी होगा तथा सेकेंडरी संबंधित विभाग का लेखाकार/लेखा प्रभाग का अधिकारी होंगे। यही भुगतान की प्रक्रिया को सम्पादित करेंगे। स्थानीय स्तर पर उद्योग विभाग के अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाया गया है तथा इसको पूर्णरूप से क्रियान्वयन के लिए समुचित कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए गए हैं। संबंधित आहरण-वितरण अधिकारियों को इसका अध्ययन करने तथा समय से क्रियान्वयन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर जिले के सभी विभागों के आहरण-वितरण अधिकारियों के अलावा लखनऊ से आये हुए प्रशिक्षक एवं उद्योग विभाग के अधिकारी तथा उद्योग व्यापार संगठन के प्रतिनिधि आदि मौजूद रहे।

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