33 हजार केवीए में फाल्ट, अंधेर में आधा शहर
बरसात से ठहर गई व्यवस्था, परेशान रहे उपभोक्ता
उमस से परेशान लोगों ने घूम कर बिताई रात
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शासन की तमाम कवायद के बावजूद शहर में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। आएदिन लोकल फाल्ट व लो-वोल्टेज से जूझ रहे शहर के लिए मंगलवार की रात भारी पड़ी। क्योंकि करीब नौ बजे रात में अचानक लाइट गुल हुई तो सुबह करीब दस बजे आई। हालांकि, इस दौरान उपभोक्ता अधिकारियों का फोन घनघनाते रहे, मगर फोन उठे नहीं। ऐसे में पूरी रात आधे शहर ने टहलकर रात बिताई। सुबह बताया गया कि पुरानी बस्ती क्षेत्र के घरसोहिया के निकट केबल में आए फाल्ट के चलते लाइन बाधित हुई और बारिश के चलते रात में कार्य संभव नहीं हो सका।
जिले की विद्युत व्यवस्था घुटने पर रेंग रही है। पॉवर हाउस के ट्रांसफॉर्मर को बदलने के नाम पर चार दिनों तक उपभोक्ताओं ने कटौती झेली, मगर यह समस्या कम होने के बजाय बढ़ गई। सबसे ज्यादा दिक्कत लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की है। दिन हो या रात बिजली के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। ऐसे में उपभोक्ताओं के दिन का चैन और रात की नींद बिजली ने छीन लिया है। यह सब चल ही रहा था कि मंगलवार की रात अचानक पुरानी बस्ती से जुड़े आधे शहर की बिजली गुल हो गई। घंटे-दो घंटे इंतजार के बाद जब आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो उपभोक्ताओं ने विभागीय अभियंताओं से संपर्क साधने का प्रयास किया, मगर निगम के अभियंताओं का फोन या तो बंद मिला अथवा मोबाइल उठा ही नहीं। पूरी रात आधा शहर अंधेर में डूबा रहा। इधर, बारिश के चलते उमस बढ़ी, जिससे उपभोक्ताओं की नींद गायब हो गई। यही नहीं जिन घरों में विद्युत की वैकल्पिक व्यवस्था भी थी वह भी आधी रात के बाद जवाब दे गई, जिससे लोगों की नींद उड़ गई। लोगों ने जाग कर रात बिताई। विद्युत के इस कटौती के सवाल पर उप खंड अधिकारी टाउन मनोज कुमार सिंह ने बताया कि रात में अचानक घरसोहिया गांव के निकट 33 हजार केवीए लाइन फाल्ट हो गया। चूंकि कई स्थानों पर जंफर कट गए थे और बारिश हो रही थी। ऐसे में उसे ठीक करने में खतरा था। हालांकि, टीम पूरी रात मौके पर फाल्ट ढूंढ कर ठीक करती रही, लेकिन बारिश के चलते काम की गति धीमी रही। ऐसे में रात में आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। सुबह होने के बाद लाइन को व्यवस्थित कर दिया गया है। अब सप्लाई चल रही है।