बस्ती। मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी रविवार रात सच साबित हुई। रात 11 बजे गरज-चमक के साथ तेज आंधी चलने लगी। करीब 15 मिनट तक 85 से 90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चली आंधी में तमाम पेड़ उखड़ कर रास्तों पर गिर गए, जिससे आवागमन में काफी बाधा आई। तमाम बिजली के तार व पोल भी आंधी में टूटकर गए, जिसके कारण पूरे दिन सप्लाई बहाल नहीं हो सकी।
इस वजह से शहर के आवास विकास, भूअर निरंजनपुर, कटरा, मंगल बाजार, तुरकहिया, पिकौरा सहित अन्य कई मोहल्लों में अंधेरा कायम रहा। लोगों को रोजमर्रा के काम में बाधा आई। आंधी चलने से कचहरी में तमाम अधिवक्ताओं के टीनशेड उड़ गए। न्यायालय तिराहे से शास्त्री चौक जाने के रास्ते पर यूकेलिप्टस का पेड़ उखाड़कर गिर गया,जिससे उधर से आवागमन बन्द रहा। इस बीच पैकोलिया क्षेत्र में छप्पर गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया,जिसे गोरखपुर रेफर करना पड़ा। तेज आंधी-पानी का सबसे बुरा प्रभाव विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पर पड़ा। आंधी से शहर के भीतर 13 खंभे गिर गए जिससे आधी रात से कटरा, पुरानी बस्ती, गांधीनगर, रोडवेज समेत पूरे शहर की बिजली रात में गुल हुई तो सुबह 10 बजे से बहाल होनी शुरू हुई। मुख्य मार्केट गांधीनगर में एक तरफ की बिजली दोपहर में बहाल हुई लेकिन दूसरी तरफ पांच बजे शाम को। इस दौरान हर वर्ग को परेशानियों का सामना करना पड़ा। बिजली नहीं रहने से न तो घरेलू मोटर चले और न ही सरकारी ट्यूबेल जिससे पानी की किल्लत रही। सोमवार सुबह से ही बिजली कर्मचारी पूरे शहर में दौड़ लगाते रहे। पूरी रात बिजली न होने के वजह से जब पानी नहीं भरा जा सका तो सोमवार सुबह से लोग हैंडपंप पर लाइन लगा लिए।दोपहर के बाद धीरे-धीरे कर विद्युत आपूर्ति की बहाली शुरू हुई। शहरी अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा शहर में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। गिदही व पुरानी बस्ती फीडर को दोपहर के एक बजे तक ठीक कर आपूर्ति शुरू हुई। अभी तक फीडर बहाल नहीं हो सके हैं।बारी बारी से हर क्षेत्र में सप्लाई दी जा रही। आवास विकास के फीडर पर काम चल रहा है। सिविल लांइस फीडर का आधा काम हो चुका है। बड़े वन फीडर पर तारों के टूटने से काफी नुकसान हुआ है।