बस्ती। पिछले पांच दिनों से संघर्षरत शिक्षा मित्रों की निगाहें सरकार के फैसलों पर लगी हैं। सोमवार को भी प्रदर्शन करते हुए गांधीकला भवन पहुंचे। जहां अपना ज्ञापन बापू की प्रतिमा पर चस्पा किया। वहीं प्रदर्शन में शामिल होने आ रहे तीन शिक्षा मित्र हादसे में घायल हुए हैं। जबकि कि एक को दिल का दौरा पड़ा है।
सोमवार को बूंदाबांदी और बारिश के बावजूद शिक्षामित्रों की जुटान बीएसए कार्यालय परिसर में हुई। कुछ महिला शिक्षामित्र दुधमुहे बच्चों को साथ भी पहुंची थीं। यहां बैठक कर निर्णय लिया कि जब तक पक्ष में निर्णय नहीं आ जाता उनका आंदोलन चरणबद्ध और शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा। बीएसए कार्यालय से शिक्षा मित्र सरकार के विरुद्ध नारे लगाते हुए गांधी कला भवन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष पहुंचे और प्रतिमा के निकट ज्ञापन चस्पा किया। निर्णय लिया गया कि मंगलवार को बापू प्रतिमा के समक्ष शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन को जारी रखा जायेगा।
आदर्श समायोजित शिक्षक, शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष आनन्द दूबे, प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ अध्यक्ष राम विलास चौधरी के नेतृत्व में शिक्षा मित्रों ने कहा कि अच्छा हो कि प्रदेश सरकार तत्काल प्रभाव से सर्वमान्य निर्णय ले और शिक्षा मित्र आंदोलन छोड़ अपने दायित्वों के निर्वहन में जुटे। 1.72 हजार शिक्षा मित्रों के भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार मुखर क्यों नहीं हो रहे हैं यह सोचनीय है। धरने में हिस्सा लेने आ रहे शिक्षा मित्र रवीन्द्र नाथ तिवारी, राजिंदर सिंह की बाइक सल्टौआ में ट्रक की चपेट में आ गई जिससे दोनों लोग घायल हुए हैं। शिक्षा मित्र गीता रानी बड़ेबन के निकट ट्रक की ठोकर से घायल हो गई। जबकि दिनेश पाण्डेय को दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें लखनऊ ले जाया गया है।
बीएसए कार्यालय और बापू प्रतिमा के समक्ष आयोजित आन्दोलन में वीरेंद्र शुक्ल, रजनीश मिश्र, मुक्तेश्वर यादव, श्रीकान्त मिश्रा, संतोष भट्ट, गिरजेश दूबे, राम पराग चौधरी, प्रदीप दूबे, मजहर अब्बास, बरसाती यादव सहित अन्य मौजूद रहे।
कि आखिर 1.72 हजार शिक्षा मित्रों के भविष्य को लेकर प्रदेश सरकार के जिम्मेदार मुखर क्यों नहीं हो रहे हैं।