बस्ती। एनएफएसए में पारदर्शिता के लिए बनाई गई इलेक्ट्रानिक प्वाइंट आफ सेल के माध्यम से खाद्यान्न वितरण व्यवस्था ने गरीबों को परेशान कर दिया है। क्योंकि तमाम ऐसे गरीब अब भी हैं जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। ऐसे में जब यह लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों पर पहुंच रहे हैं तो दुकानदार उन्हें खाद्यान्न देने से मना कर दे रहे थे।
शिकायतों के बाद अब शासन ने इस पर नरम रुख अख्तियार कर लिया है। वितरण की 15 तारीख तक तो आधार कार्ड और ई-पास से व्यवस्था संचालित होगी, मगर इसके बाद जितने उपभोक्ता शेष होंगे। उन्हें मैनुअल यानी सामान्य ढंग से राशन मुहैया कराया जाएगा। जिले में 2.89 लाख एनएफएसए के पात्र हैं। इनको अब तक सामान्य रूप से खाद्यान्न मुहैया कराया जाता था। खाद्यान्न काला बाजारी की शिकायत के चलते सरकार ने इस योजना में सभी दुकानों के आन लाइन वितरण की व्यवस्था बनाने का क्रम शुरू कर दिया है। इसके तहत जिला मुख्यालय के 53 दुकानों को आन लाइन सिस्टम से जोड़ दिया गया है। शहरी क्षेत्र की इस व्यवस्था के तहत आधार कार्ड लिंक पात्रों को ही खाद्यान्न मिल सकेगा। ऐसे में तमाम पात्र वंचित हो जा रहे थे। इसे देखते हुए शासनादेश के क्रम में डीएम अरविंद कुमार सिंह ने ई-पास के माध्यम से केवल 15 तारीख तक खाद्यान्न वितरण का निर्देश दिया है।
जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्र ने बताया कि पीडीएस की सभी दुकानों पर यह मशीन लगाई जाएगी। हालांकि अभी यह पूरी तरह संचालित होने के कगार पर नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में शासनादेश के हवाले 15 तारीख के बाद से मैनुअल वितरण का निर्देश सभी कोटेदारों को दे दिया गया है। योजना के क्रियान्वयन में सभी कोटेदारों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, मगर इसका प्रयोग तब तक पूरी तरह नहीं हो सकेगा जब तक सभी उपभोक्ताओं के आधारकार्ड लिंक नहीं हो जाते।