तंगहाली में 20 हजार मनरेगा श्रमिक
बस्ती।
हाड़तोड़ मेहनत के बावजूद मनरेगा श्रमिकों को मजदूरी नहीं मिल पा रही है। स्कूल खुलने और खेती के खर्च से परिवार के सामने तंगहाली आ गई है। जिले के 20 हजार से अधिक श्रमिक हैं, जो मजदूरी पाने के लिए ब्लॉकों का चक्कर लगा रहे हैं। इन श्रमिकों का छह करोड़ रुपये बकाया है।
सबसे अधिक हर्रैया ब्लॉक के श्रमिकों का एक करोड़ 12 लाख रुपये से अधिक बकाया है। सबसे कम तीन लाख 16 हजार साऊंघाट ब्लॉक में बकाया है। श्रमिकों को मजदूरी न मिलने के लिए प्रमुख रूप से बीडीओ को जिम्मेदार बताया जा रहा है। हालांकि, इसके लिए अन्य ब्लॉक कर्मी भी जिम्मेदार होते हैं। विकास भवन के जिम्मेदार अफसरों के कारण मनरेगा का मकसद पूरा नहीं हो रहा है। जिन गांव के श्रमिकों के लिए यह योजना बनाई गई और जिस पर हर साल कागजों में लगभग दो अरब खर्च हो रहे हैं। उसका लाभ मजदूरों को नहीं मिल रहा है। नियमानुसार काम करने के 15 दिन में हर हाल में भुगतान हो जाना चाहिए। भुगतान कराने की जिम्मेदारी मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी एवं बीडीओ की होती है। जो आंकड़े सामने आए हैं उसके मुताबिक छह करोड़ रुपये का भुगतान अभी तक बीडीओ ने मजदूरों का नहीं किया। इस वित्तीय वर्ष 65.64 करोड़ का भुगतान होना था सिर्फ 59.67 करोड़ का ही हुआ। लगभग छह करोड़ का भुगतान बकाया है। यह स्थिति धन उपलब्ध रहने के बाद की है। बहादुरपुर ब्लॉक के ग्राम दयालपुर के अधारे, पुष्पा, राजमति, बिरुपुर के राधेश्याम, दीपचंद्र, शिवपूजन, खड़ौवाखुर्द के कमलावती व जटाशंकर और सेमरा चिगन के मालती और अनीता का कहना है कि मजदूरी न मिलने से भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया। स्कूल खुल गए हैं। ऐसे में बच्चों के लिए कापी-किताब और अन्य सामान की खरीदारी नहीं हो रही है। दो वक्त की रोटी के भी लाले पड़ गए हैं। नवागत सीडीओ अरविंद पांडेय ने भुगतान न करने वाले बीडीओ के विरुद्ध कार्रवाई करने की बात कही है।
हर्रैया के मजदूर परेशान
बस्ती। मजदूरी न मिलने से सबसे अधिक हर्रैया के मनरेगा श्रमिक परेशान हैं। इस ब्लॉक में 1.12 करोड़ बकाया है। दूसरे नंबर पर दुबौलिया ब्लॉक है। यहां कुल 1.04 करोड़, सल्टौआ में 75 लाख, बनकटी में 54 लाख, गौर में 52 लाख, कुदरहा में 37 लाख, बस्ती सदर में 30 लाख, रामनगर में 27 लाख, परशुरामपुर में 24 लाख, कप्तानगंज में 21 लाख, रुधौली में 16 लाख, विक्रमजोत में 10 लाख, बहादुरपुर में 4.29 लाख और साऊंघाट में सबसे कम 3.16 लाख सहित कुल 5.97 करोड़ बकाया है।
चर्चित सेक्रेटरी का बहादुरपुर से तबादला
बहादुरपुर। बहादुरपुर ब्लॉक के चर्चित सेक्रेटरी एवं प्रभारी रहे एडीओ पंचायत आनंद कुमार सिंह का तबादला कुदरहा ब्लॉक में हो गया। यह वहीं सेक्रेटरी हैं, जिनके चलते जिले के नोडल अधिकारी और सचिव अशोक कुमार को सपा शासन काल में निलंबित होना पड़ा था। ब्लॉक में रहते इन पर कई आरोप लग चुके हैं। हालांकि, कई आरोप जांच में गलत पाए गए।