फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकल फाल्ट, लो वोल्टेज ने झेलाया

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर के बिजली व्यवस्था से शहरवासी परेशान हैं। रमजान का महीना होने के बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था लचर है। बीच, बीच में लोकल फाल्ट से मोहल्ले में अंधेरा छा जाता है। शहर में विद्युत पोल की कमी है। पेड़ के सहारे सप्लाई की जा रही है। स्ट्रीट लाइट जलाने और बुझाने की जिम्मेदारी नगर पालिका के ईओ की है। मगर जलाकर छोड़ दिया जाता है। सीएम के आदेश का अनुपालन नहीं कराया जा रहा है।
विज्ञापन

शहर के 25 वार्डो में पांच विद्युत उपकेंद्र से सप्लाई की जाती है। जिसमें जलकल गांधी नगर, अमहट फीडर, पुरानी बस्ती, रौतापार, मड़वानगर शामिल है। इनमें गांधीनगर व अमहट फीडर से सिविल लाइन, पक्के में व्यवसायी वर्ग व अधिकारी रहते है। लोड क्षमता ज्यादा रहता है। जबकि रौतापार से जुडेे, त्रिपाठी गली, नेबुलाताल, ब्लॉक रोड़, बभनगंवा में लोकल फाल्ट से प्रतिदिन उपभोक्ता परेशान रहते है। उमस भरी गर्मी में दुश्वारिया झेलनी पड़ती है। गृहणियों को सुबह रोजमर्रा कार्यों में परेशानी होती है। घर पानी टंकी को भरने के लिए वोल्टेज का इंतजार करना पड़ता है। एक तरफ प्रदेश सरकार लाइन हास को कम से कम करना चाहती है। महर शहर के मोहल्लों में लगे स्ट्रीट लाइट 24 घंटे चलते है। पिकौरा शिव गुलाम में बिजली की केबिल पेड़ के सहारे लगी है। पोल की दूरी पांच सौ मीटर से ज्यादा है। मोहल्ले के कई घरो में सप्लाई की जा रही है। जिससे आए दिन फाल्ट की समस्या बनी रहती है। बिजली गुल होने पर फाल्ट को ढूंढने में घंटो लग जाता है।

क्या कहत अधिकारी
एसडीओ टाउन मनोज सिंह ने बताया कि शहर में 24 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल लागू है। लोकल फाल्ट के समय आस पास की बिजली काटी जाती है। मोहल्लो में पोल लगवाने का कार्य चल रहा है। स्ट्रीट लाइट बुझाने की जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
विज्ञापन


सड़क के बीच पोल हुआ खतरनाक
दुबौलिया। विद्युत विभाग की लापरवाही से आए दिन चिलमा बाजार में सड़क हादसा हो रहा है। राम जानकी मार्ग का चौरीकरण होने से विद्युत पोल बीच सड़क में आ गया। इससे वाहनों को पार करने में जगह कम पड़ जाती है। अक्सर राहगीर दुर्घटना के शिकार हो जाते है। व्यापार मंडल महामंत्री सोनू पांडेय की अगुवाई में व्यापारियों ने विभाग के जेई से बात की थी। उन्होंने पोल हटाने का आश्वासन दिया था। तीन महीना से अधिक समय हो गया। बुधवार व रविवार को लगने वाली सप्ताहिक बाजार के दिन जाम की समस्या हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें