डीएम की मौजूदगी में मिल प्रबंधन, श्रमिकों और किसानों के बीच हुई वार्ता
15 फरवरी तक तीन माह का वेतन, किसानों का एक तिहाई भुगतान होगा
अमर उजाला ब्यूरो
वाल्टरगंज। शुगर मिल को चालू कराने के लिए डीएम की मौजूदगी में बुधवार को मिल प्रबंधन, श्रमिकों और किसानों के बीच बुधवार को वार्ता हुई। निर्णय लिया गया कि एक हफ्ते में मिल की मरम्मत शुरू होगी, जिसके बाद गन्ने की पेराई शुरू कर दी जाएगी।
10 जनवरी को किसानों, श्रमिकों ने जिला पंचायत सदस्य राम प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में हाईवे पर जाम लगा दिया था। शुगर मिल चलाने, बकाया गन्ना मूल्य भुगतान, मिल श्रमिकों के वेतन आदि के संबंध में डीएम से आंदोलनकारियों ने मांग की थी। डीएम डॉ. राजशेखर ने आश्वस्त किया था कि 16 जनवरी 2019 को मिल के क्रेता और विक्रेता कार्यालय आएंगे। दोनों के सामने ही निर्णय हो जाएगा कि मिल किसके नेतृत्व में चलेगी। इसी के तहत बुधवार को डीएम के कैंप कार्यालय में मिल के नए मालिक राकेश वर्मा पूरी टीम के साथ ही बजाज ग्रुप के अशोक गुप्ता, प्रभाकर चंद्रा और रुधौली के एचआर हेड पहुंचे, जहां राम प्रकाश चौधरी के नेतृत्व में किसानों, कर्मचारियों के साथ वार्ता शुरू हुई। यह निर्णय लिया गया कि एक हफ्ते के अंदर मिल मरम्मत शुरू हो जाएगी। श्रमिकों, कर्मचारियों के तीन महीने का वेतन 15 फरवरी तक भुगतान करा दिया जाएगा। साथ ही किसानों के गन्ने का भुगतान भी कुल बकाये का एक तिहाई कर दिया जाएगा। मार्च में किसानों का समस्त भुगतान कर दिया जाएगा। वार्ता के दौरान मिल कर्मचारी अंगद वर्मा, कमलेश पटेल, किसान गनीराम चौधरी, राजेश पांडेय सत्यनारायण सिंह, सुनील राय, वीरेंद्र चौधरी, विकास सिंह ठाकुर, संतोष मौर्या, हरिराम आदि लोग मौजूद रहे।