लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया का किया गया स्वागत।
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बस्ती। लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया का शनिवार को शहर के स्टेशन रोड स्थित एक होटल सभागार में समारोहपूर्वक सम्मान किया गया। सम्मान से अभिभूत महापौर ने कहा कि इस माटी में बचपन की याद बसी है। यहां के लोगों के लिए मेरे दरवाजे हमेशा खुले हैं। महापौर ने कहा कि यहां की माटी मेरे रग-रग में रची बसी है। इस माटी में आने के बाद नई ऊर्जा का संचार हो गया है। यहां से जाने के बाद अब नई ऊर्जा व तन्मयता से लखनऊ के विकास को गति दूंगी। उन्होंने लखनऊ में किए गए विकास का ब्योरा भी अपनों के बीच रख दिया।
नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रूपम मिश्रा ने नगर पालिकाओं-नगर निगमों की दशा सुधारने के लिए महापौर के नेतृत्व में काम करने की इच्छा जताई। जिस पर महापौर ने 74वें संविधान संशोधन की वकालत करते हुए कहा कि इस विषय को राज्यपाल और मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा। वरिष्ठ भाजपा नेता पुष्कर मिश्रा ने महापौर के पति पूर्व विधायक स्व. सतीश भाटिया को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि महापौर संयुक्ता भाटिया का पूरा परिवार समाज सेवा में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। कार्यक्रम के दौरान महापौर दिव्यांग मुबीन अली से भी मिलीं। कार्यक्रम में सुरेश खत्री, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन कसौधन, जिला महामंत्री राकेश श्रीवास्तव, महेश शुक्ला, वार्ड सदस्य सुभाष श्रीवास्तव, चुन्नू लाल, प्रमोद कन्नौजिया, डब्लू सोनकर, मो. सिद्दीक, कन्हैया चौधरी, सतीश सोनकर, विवेक गिरोत्रा, मिथलेश मिनोत्रा, पूनम भाटिया, चुनमुन और सुखदेव आदि मौजूद रहे।