अन्न योजना में जुड़ेगा हर गरीब
खुली बैठक में बनाई जा रही सूची
सही समय, मात्रा व कीमत ही असल चुनौती
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। गरीबों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया है। यह योजना जनवरी वर्ष 2016 तक तो योजना थी, मगर अब यह कानून है, जिसके तहत प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे गरीबों के खाद्यान्न सुरक्षा का निर्धारण करें। प्रशासन व विभाग के लिए सही समय पर सही मात्रा व सही कीमत पर पात्र को खाद्यान्न दिलाया जाए। इसके लिए त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था बनाई गई है। यही नहीं अब तक जिले में ई-पाश मशीन से वितरण के तहत सरकार को लाखों रुपये का लाभ हुआ है। इसे पूरे जिले में लागू किये जाने की योजना को अमली जामा पहनाने में जिला पूर्ति विभाग जुटा है। यह कहना है डीएम डॉ. राजशेखर का। वह सोमवार को तहसील सभागार में जिला पूर्ति विभाग के कार्यों पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
कहा कि खाद्यान्न वितरण को बेहतर व पारदर्शी बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके तहत आधार कार्ड से फीडिंग व सीडिंग कराई जा रही है। सभी इसमें सहयोग करें, जिससे गरीबों को उनके भोजन का अधिकार मिल सके। खाद्यान्न को हर गरीब की थाली में पहुंचाने की योजना के लिए शासन व प्रशासन मशक्कत कर रहा है। 86 फीसदी लाभार्थियों का आधार लिंक हो चुका है। अब जितने भी लोग बचे हैं वे भी इसमें सहयोग करें। कहा कि खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में आपूर्ति विभाग लगातार प्रयास में जुटा है। इसका नतीजा है कि प्रदेश में आधार फीडिंग में जिला तीसरे नंबर पर है। डीएम ने धान खरीद पर अपनी बात रखते हुए कहा कि एक नवंबर से खरीद शुरू होगी। इस बार धान का मूल्य किसानों के खाते में बेचने के बाद जैसे ही ऑनलाइन फीडिंग की जाएगी, वैसे ही पहुंच जाएगा। धान खरीद की तैयारी शुरू हो गई है। इससे पहले जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी, प्रभारी डिप्टी आरएमओ रामजन्म वर्मा ने डीएम का स्वागत किया।