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अध्यापक चयन परीक्षा में आधे से अधिक गैरहाजिर
कुल 7008 में से 3472 अभ्यर्थी उपस्थित रहे
शहर के 15 केंद्रों पर सहायक अध्यापक परीक्षा
यूपीपीएससी ने पहली बार आयोजित की परीक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। उप्र लोक सेवा आयोग की ओर से रविवार को आयोजित एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा 2018 शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। आधे से ज्यादा आवेदकों ने परीक्षा छोड़ दी।
जिले के लिए कुल आवंटित 7008 परीक्षार्थियों में से सिर्फ 3472 अभ्यर्थी परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित रहे। जबकि 3536 ने परीक्षा छोड़ दी। जिसके कारण उपस्थिति का प्रतिशत मात्र 49.54 रहा। पहली बार यूपीपीएससी के जरिए कराई गई इस परीक्षा के लिए जिले में 15 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर पारदर्शी व्यवस्था की निगरानी के लिए 20 मजिस्ट्रेट के साथ 20 पुलिस अधिकारी 100 जवानों के साथ डटे रहे। डीएम डॉ. राजशेखर और एसपी दिलीप कुमार परीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। किसान डिग्री कॉलेज और महिला पीजी कॉलेज केंद्र के औचक निरीक्षण में सीसीटीवी कैमरों की दिशा और दशा जांच की गई। डीएम ने बताया कि सभी केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सीसी कैमरे की निगरानी में परीक्षा आयोजित की गई। किसी भी केंद्र पर गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली।
छह से पांच केंद्रों पर होगी आईटीआई परीक्षा
बस्ती/गौर। आगामी छह अगस्त से शुरू हो रही आईटीआई परीक्षा के लिए जिले में इस बार कुल पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। लगभग छह हजार परीक्षार्थी शामिल होंगे। नकलविहीन परीक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी। तीन अगस्त तक राजकीय आईटीआई में प्रयोगात्मक परीक्षाएं हो जाएंगी। आईटीआई प्रधानाचार्य बीबी सिंह ने बताया कि इस बार परीक्षा संपन्न कराने के लिए पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। राजकीय पॉलिटेक्निक, राजकीय इंटर कॉलेज, गोविंदराम सेकसरिया इंटर कॉलेज, खैर इंटर कॉलेज व एपीएन पीजी कॉलेज को शासन की ओर से परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। लिखित परीक्षा छह अगस्त से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगी। इसमें प्रथम सेमेस्टर में पांच सौ परीक्षार्थी व द्वितीय सेमेस्टर तीन हजार, तृतीय सेमेस्टर एक्स पूरक में पांच सौ एवं चतुर्थ सेमेस्टर में दो हजार परीक्षार्थियों के बैठने का अनुमान है। प्रधानाचार्य ने बताया कि सभी कॉलेजों की प्रयोगात्मक परीक्षाएं तीन अगस्त तक राजकीय आईटीआई में चलेंगी। नकलविहीन परीक्षा कराने के लिए शासन के मंशानुसार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।