बस्ती। उप्र बिजली कर्मचारी संघ ने 22 मांगों के समर्थन में शुक्रवार से आंदोलन शुरू कर दिया। 22 मांगें पूरी करने के लिए शनिवार को भी वह धरना देंगे। शुक्रवार को धरने की अध्यक्षता कामरेड अशर्फीलाल तथा संचालन राजेंद्र श्रीवास्तव ने किया।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर सुबह 10 बजे जुटे बिजली कर्मियों ने मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। शाम पांच बजे तक चले धरने में अशर्फीलाल ने कहा कि विभाग में 65 हजार रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। बढ़ते उपभोक्ताओं के अनुपात में चतुर्थ एवं तृतीय श्रेणी के पद स्वीकृत किए जाएं। भर्ती में संविदा कर्मियों को वरीयता के आधार पर नियुक्ति लेकिन जब तक भर्ती नहीं हो रही है तब तक संविदा श्रमिकों को विभाग से सीधे भुगतान किया जाए। जोनल मंत्री राम सहाय ने कहा कि लेखा संवर्ग एवं मुख्यालय के आदेश पर लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों का वेतन विसंगति विभाग दूर किया जाए। प्रदेश में जोन, मंडल डिवीजन में अनुरक्षित वेतनमान 4200 से 6400 पर नियुक्त कर्मचारियों को उच्चतर ग्रेड वेतन 6600 रुपये देने में टालू छोड़ी जाए। गजेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि जेई से एई प्रोन्नति में कोई परीक्षा एवं अन्य निर्धारण व्यवस्था लागू नहीं है सिर्फ एसीआर के आधार पर जेई से एई पद पर वरिष्ठता के आधार पर प्रोन्नति किया जा रहा है। इसी तरह एसीआर एवं वरिष्ठता के आधार पर टीजी-2 को जेई पद पर प्रोन्नति दी जाए।यदि विभाग ऐसा नहीं करता है तो टीजी -2 के साथ सौतेला व्यवहार क्यों। इस दौरान सत्येन्द्र श्रीवास्तव, राज किशोर, शैलेष यादव, अनुराग चौधरी, प्रेम, अर्जुन, शिव कुमार, प्रदीप पांडेय, मो. रहा, पुल्लुर, हरीलाल, भोला, दिनेश आदि लोग मौजूद रहे।