महसो (बस्ती)। लालगंज थाना क्षेत्र के हलुआपार में दो दिन पूर्व एईएस से हुई दस वर्षीय विशाल की मौत की जानकारी के बाद शनिवार को डॉक्टरों की टीम गांव में पहुंची। गांव में टीम ने जहां निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए छिड़काव आदि किया वहीं ग्रामीणों का स्वास्थ्य भी जांचा। टीम को गांव में 18 ग्रामीण बुखार से पीड़ित मिले। इन्हें दवा उपलब्ध कराई गई। टीम ने सफाई व्यवस्था दुरुस्त किए जाने का सुझाव भी ग्रामीणों को दिया।
सुबह दस बजे पीएचसी चिलवनिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम उक्त गांव में पहुंच गई। सबसे पहले गांव में नालियों गड्ढों व झाड़-झंखाड़ वाले स्थानों पर दवाओं का छिड़काव किया गया। इसके बाद टीम ग्रामीणों के स्वास्थ्य का परीक्षण करने में जुट गई। इस दौरान डॉक्टरों ने छह वर्षीय आयुष, 16 वर्षीय अंजनी, तीन वर्षीय आभास, 20 वर्षीय सरोजनी, 35 वर्षीय शांति, आठ वर्षीय हर्ष, 25 वर्षीय राम प्रकाश, आठ वर्षीय विकास, 45 वर्षीय पुष्पा, 40 वर्षीय इंद्रावती, 20 वर्षीय शिवांश, छह वर्षीय आकाश, 13 वर्षीय दुर्गावती, 17 वर्षीय अर्चना, 50 वर्षीय शिवशंकर सहित गांव के 18 लोग बुखार से पीड़ित पाए गए। डॉक्टरों ने इन सभी का इलाज कर दवा दीं।
गांव पहुंची टीम में डॉ. श्रीवास्तव के अलावा बेसिक हेल्थ वर्कर पंकज वर्मा, सुपरवाइजर कैलाश गौड़, आशा सन्नो पाल, सुपरवाइजर सरिता सिंह, सुरेश पांडेय, एएनएम राजरानी यादव शामिल रहे।
कंट्रोल रूम प्रभारी डॉ. राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि सूचना के बाद टीम मौके पर भेजी गई थी। वहां जो लोग बीमार थे उनका उपचार मौके पर कर दिया गया है। गांव में निरोधात्मक कार्रवाई कर दी गई है।