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पहाड़वापुर का स्पर धंसा, पारा में कटान

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पहाड़वापुर का स्पर धंसा, पारा में कटान
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दुबौलिया/विक्रमजोत/कुदरहा।
घाघरा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। नदी से सटे कई गांवों की खेती योग्य जमीन को धारा निगलने लगी है। पहाड़वापुर का स्पर धंस गया तो पारा के पास भी कटान शुरू हो गई है। नदी के सटे गांवों के किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को पहड़वापुर गांव के पास बना पुराना और पारा मेें आठ नंबर स्पर सोमवार की शाम को धंस गया। इससे दोनों जगह वीडी बांध पर पानी का दबाव बढ़ गया है। बांध के अंदर बसे गांव दिलासपुरा, टकटकवा, मोजपुर के लोग दहशत में हैं। अभी तक प्रशासनिक आधिकारियों ने बंधे का निरीक्षण नहीं किया। पारा के पास कुछ मजदूर स्पर पर बोल्डर लगा रहे हैं। देवरागंग बरार के राम चंद्र, वकील, जगदीश, मोहन, प्रताप, गौरीशंकर, राम मिलन ने बताया कि मवेशियों के साथ बंधे पर शरण लेनी पड़ रही है। चारा का संकट खड़ा हो गया।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक केंद्रीय जल आयोग के अयोध्या कार्यालय के अनुसार मंगलवार को भी घाघरा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे से 92.280 पर स्थिर रहा लेकिन बुधवार को बढ़ने के आसार हैं। एल्गिन बांध पर घाघरा खतरे के निशान 105.100 से 12 सेमी ऊपर 106.070 पहुंच गई है। भदोईं, रानीपुर कठवनियां, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, सहजौरा पाठक के पास कटान तेज हो गई है। रानीपुर कठवनियां में सैकड़ों वर्ष पुराना आम का बाग अपना-अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। नवनिर्मित स्पर पर खतरा बढ़ेगा। केशवपुर में भी कटान तेज है। इससे करीब पांच एकड़ खेती भूमि नदी में विलीन हो गई। राहत सामग्री के अभाव में मंगलवार को करीब इक्का-दुक्का लेबर काम करते दिखे। कुदरहा प्रतिनिधि के मुताबिक पिपरपाती गांव से पूरब तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाए गए ठोकर नंबर छह की नोज कटकर नदी में बह गई। बंधे के कुछ हिस्सों में दरार पड़ने से तट बंध जगह-जगह फट गया है। इससे बंधे के वजूद पर एक बार फिर खतरे का बादल मंडराने लगा जबकि विभाग इन सबसे अनजान बना हुआ है। चकिया गांव के सामने बरसात के कारण बंधे में बड़े-बड़े दरार पड़े हैं। सहायक अभियंता बलराम यादव का कहना है कि बंधे की सुरक्षा के लिए विभाग गंभीर है। लगातार बारिश से कार्य जरूर प्रभावित हो रहा है लेकिन खतरे की कोई बात नहीं।
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अप्रोच बहा, टूटा तमाम गांवों का संपर्क
अप्रोच बहा,टूटा तमाम गांवों का संपर्क
भदेश्वरनाथ मंदिर के पांच सौ मीटर पीछे है मोहटा पुल
कुआनो-मनवर दोआबा को शहर से जोड़ता है यह पुल
सोमवार रात को अप्रोच कटने से बंद हुआ आवागमन
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
रास्ते को लेकर मुश्किल में फंसे कांवड़ यात्रियों की परेशानी मंगलवार को तब और बढ़ गई, जब भद्रेश्वरनाथ मंदिर के पीछे स्थित पुल का अप्रोच बारिश में कटकर बह गया। सोमवार रात से इस मार्ग पर भी आवागमन बंद होने से कांवड़ियों के जलाभिषेक करने का एक और मार्ग बंद हो गया।
अयोध्या से जल लेकर आने वाले कांवड़ यात्री फुटहिया से पुराने पुल की ओर मुड़ जाते थे। उधर से बाकी आवागमन बंद कर दिया जाता था। इससे उन्हें अमहट घाट के शिव मंदिर पर विश्राम करने का अवसर मिल जाता था। एक तरह से सराय के रूप में घाट का इस्तेमाल होता रहा। मगर इस बार अमहट का पुराना पुल ढह जाने से आवागमन पहले से बंद है। उसकी जगह कांवड़ियों को आराम करने के लिए वैकल्पिक राह की तलाश पूरी हुई भी नहीं कि यह नई समस्या आ खड़ी हुई। क्षेत्र के सलिल कुमार सिंह, इंद्रजीत सिंह, राघवेंद्र आदि का कहना है कि नहर की पटरियां वैसे भी जर्जर थीं। अब पुल बंद होने से मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। हालांकि, पुल का अप्रोच ठीक करने के लिए संबंधित विभाग सक्रिय दिख रहा है लेकिन जलाभिषेक तक काम पूरा कर लेंगे। इसे लेकर लोगों को आशंका है।
इसलिए अहम है यह पुल
मोहटा घाट पुल से आवागमन बंद होने से कुआनो-मनवर दोआबा के बीच के 50 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया। बहादुरपुर ब्लॉक के पूूरब लालगंज के बीच के गांवों के लोग कचहरी, कॉलेज, कलेक्ट्रेट या दूसरे अन्य कामों से इसी रास्ते शहर आते हैं। कांवड़ यात्रा में पिपरा गौतम, निरंजनपुर, रखौना, नरायनपुर, प्रतापपुर, कटरुआ, कन्जौरा, महादेवा, धौरहरा, रजली, कुरहा-दयालपुर बस्कर आदि गांव के श्रद्धालु इसी रास्ते मंदिर आते-जाते हैं। उन्हें अब दूसरा रास्ता पकड़ना होगा।

बारिश से प्रभावित हुआ शिक्षण कार्य
सल्टौआ। लगातार चार दिन के बारिश से जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जल भराव होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। ब्लॉक संसाधन केंद्र से लेकर प्राथमिक विद्यालय मझौआ लाल द्वितीय, देईपार खुर्द, करमापाठक, जसोवर, खरहरा जप्ती, परसाखाल समेत जूनियर विद्यालय हसनापुर के परिसर में पानी भर गया है। इससे अध्यापकों और बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों पर भारी पड़ रही ये बरसात
सल्टौआ। सब्जी की खेती करने वाले किसानों पर बारिश अब भारी पड़ रही है। किसान गंगाराम, राजकुमार, रामतौल, कन्हैया, सुरेश, दिनेशचंद्र, सुखराम का कहना है कि बारिश की अधिकता फसल के लिए नुकसान दायक साबित होगी।
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केंद्रीय टीम ने वीडी बांध का निरीक्षण किया
दुबौलिया। केंद्रीय गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग पटना के उपनिदेशक पीयूष गोयल की टीम ने मंगलवार को पारा के पास वीडी बांध का निरीक्षण किया। बताया कि केंद्र ने यूपी 28 के नाम से 2015 में 28 करोड़ जारी किया था। टीम ने बाढ़ से निपटने के लिए हो रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। टीम अब तक कराए गए कार्यों से संतुष्ट नहीं दिखी। बंधे की सुरक्षा के लिए सहायक अभियंता जेपी मिश्र और जूनियर इंजीनियर एपी सिंह को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
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