खम्हरिया पश्चिम में गोकशी की घटना के बाद से हालात अभी तक पूर्णतया सामान्य नहीं हुआ है। सोमवार को पुलिस की मौजूदगी में गिने चुने लोगों ने नमाज अदा की। 11 जून को गांव में गोकशी की घटना से तनाव फैल गया था। गांव के अधिकतर लोग घर छोड़ दिया। सात लोग आरोपी बनाए गए हैं जिसमें से तीन की ही गिरफ्तारी हो पाई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से गांव के अधिकतर घरों में अभी भी ताला बंद है। ईद जैसे त्योहार पर भी गलियां सूनी हैं। सोमवार को गांव के कुछ घरों में महिलाएं और बच्चे तो दिखे लेकिन त्योहार की कोई चहल -पहल नहीं। बुजुर्ग महिला शायरा ने कहा कि हमारे यहां लोग ऐसे त्योहारों पर देश-परदेश से घर आते हैं लेकिन इस ईद में परिवार के कई सदस्य बिना किसी खता के घटना के चलते घर नहीं आ पा रहें हैं। ऐसे में त्योहार की खुशी की बात करना बेमानी हैं। गांव की कई अन्य महिलाओं का कहना है कि दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात जागते ही कटती है। कहा कि पुरुषों के घरों पर न होने से अब तो खेती किसानी का काम भी पिछड़ता जा रहा है।
इस बाबत थानाध्यक्ष सोनहा ओपी यादव ने बताया कि गांव की सुरक्षा के लिए पुलिस दिन रात मुस्तैद है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। निर्दोषों को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है।