नेपाल से कर्नाटक भेजे जा रहे थे 16 बच्चे, आरपीएफ ने पकड़ा
साथ में चार वर्षीय बालक भी था, बाल कल्याण समिति के समक्ष किए गए प्रस्तुत
सीडब्ल्यूसी ने मानव तस्करी की जताई आशंका, साधा दूतावास से संपर्क
बस्ती। गोरखधाम एक्सप्रेस ट्रेन से नेपाल से कर्नाटक ले जाए जा रहे चार से 16 उम्र के बच्चों को बस्ती की आरपीएफ टीम ने स्टेशन पर खड़ी ट्रेन से पकड़ा। इन्हें लेकर जा रहे दो संदिग्ध युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। बृहस्पतिवार को सभी को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मेडिकल के बाद उन्हें चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष ने मानव तस्करी की आशंका जताई है। उन्होंने नेपाली दूतावास से भी संपर्क किया है। आरपीएफ के अनुसार 24 अगस्त की शाम सूचना मिली कि गोरखधाम से नेपाल के कुछ बच्चों को कर्नाटक भेजा जा रहा है। इसके बाद जीआरपी व आरपीएफ ने संयुक्त रूप से ट्रेन की जांच की। ट्रेन की पिछली बोगी में आरपीएफ ने किशोरों को देखा। इनके साथ दो युवक भी थे। आरपीएफ ने बच्चों व दोनों युवकों को ट्रेन से उतार लिया। उनसे पूछताछ शुरू की, मगर युवक बच्चों के संबंध में कुछ बता नहीं सके।
सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष प्रेरक मिश्र ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया मानव तस्करी का लग रहा है। इसकी जांच आरपीएफ व जीआरपी कर रही है। यह मामला बेहद संवेदनशील और मित्र राष्ट्र नेपाल का है। ऐसे में इस प्रकरण को गंभीरता से लिया गया है। शीघ्र ही पूरे मामले का पर्दाफाश होगा।
आरपीएफ के एसओ एसके मिश्र ने बताया कि बच्चों का संरक्षक बताने वाले युवक लोबसंग चिल्ले निवासी देखभाल पलेना नंबर वन, लामाथैम तट्टी हल्ली मुंधोद नार्थ कन्नड़ कर्नाटक व डंपानोरसाड तमाड़ निवासी काउले जिला नुआकोट नेपाल से पूछताछ की जा रही है।