हत्या के जुर्म में पति समेत तीन को उम्रकैद
जिला जज कोर्ट ने सुनाया फैसला, कप्तानगंज थाना क्षेत्र की घटना
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव गोयल की अदालत ने दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के जुर्म में पति समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक पर 35-35 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड से प्राप्त धनराशि की आधी रकम परिवादी को मिलेगी।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परिपूर्णानंद पांडेय ने कोर्ट में घटना का विवरण रखा। बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र के दुधौरा निवासी रमेश ने थाना कप्तानगंज में 18 मार्च 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई। वादी ने कहा कि उसकी बेटी रीना की शादी कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एकटेकवा गांव निवासी बृजकिशोर के पुत्र बाबू लाल उर्फ शंभूनाथ से हुई थी। 2010 में गौना हुआ। रीना विदा होकर अपने ससुराल गई। कुछ दिन के बाद रीना के पति बाबू लाल, ससुर बृजकिशोर, सास दुलारी व ननद शीला, नंदोई दिनेश व ननद की पुत्री अंकिता एकराय होकर रीना पर दहेज के लिए दो लाख रुपये मायके से मांगने का दबाव बनाने लगीं। कई बार इस मामले में बेटी के ससुराल वालों को समझाया गया, मगर उनके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। रीना ने मायके में यह भी बताया था कि ससुराल वाले धमकी दे रहे हैं कि करंट से जान मार देंगे और इसे दुर्घटना करार देकर सभी बच जाएंगे। 16 मार्च 2017 की रात में ससुरालियों ने रीना को बिजली का करंट लगाकर हत्या कर दी। दूसरे दिन किसी ने फोन पर बेटी के मौत की सूचना दी। बेटी के ससुराल पहुंचा तो वहां बाहर ही उसका शव पड़ा था। मौके पर पुलिस भी पहुंची। रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज होकर पति, सास व ससुर के खिलाफ हत्या, साक्ष्य छिपाने व शादी के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित करने के जुर्म में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल हुआ। अभियोजन की ओर से वादी सहित गवाहों के बयान हुए। बचाव पक्ष से झूठा फंसाए जाने की बात कही गई। न्यायाधीश ने गवाहों के बयान व सबूतों के आधार पर बाबूलाल, बृजकिशोर व दुलारी को विवाहिता की हत्या सहित अन्य आरोपों में दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।