निदेशक पंचायती राज का निर्देश, जांच के बाद दोषी होंगे बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शासन की प्राथमिकता गांवों की गलियों तक स्वच्छता है। इसी प्राथमिकता के तहत गांवों में सफाई कर्मियों की नियुक्ति की गई है, लेकिन तमाम शिकायतें मिल रही हैं कि गांव में सफाई कर्मी काम नहीं कर रहे हैं। इन स्थितियों को शासन ने संज्ञान में लिया है। निदेशक पंचायती राज विभाग ने निर्देश जारी किया है कि गांवों में सफाई व्यवस्था चाक चौबंद की जाए। यदि कहीं से शिकायत मिले तो संबंधित की जांच कर दोषी पाए जाने पर निलंबन के बजाय सीधे बर्खास्त किया जाए।
जिले में 3545 राजस्व गांव हैं। इनमें कुल 3270 सफाई कर्मी तैनात हैं। सफाई कर्मियों के कार्यों पर प्रधान व सेक्रेटरी नजर रखते हैं। इनकी ही संस्तुति पर इन्हें वेतन मिलता है। सरकार के निर्देश के बाद निदेशक पंचायती राज ने भी डीपीआरओ को यह निर्देश दिया है कि वह गांव की सफाई व्यवस्था को चाक चौबंद कराएं। सफाई कर्मियों के कार्यों की समीक्षा करेें। कहीं किसी गांव में सफाई कर्मी की लापरवाही के चलते गंदगी मिले तो तत्काल कार्रवाई करें। निर्देश में कहा गया है कि सफाई कर्मियों की शिकायतों की भी जांच कराएं। गुुणदोष के आधार पर कार्रवाई करें। डीपीआरओ ब्रह्मचारी दूबे ने कहा कि निदेशक का पत्र आया है। इस मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। सफाई को लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। शिकायतों पर भी पूरी गंभीरता दिखाई जा रही है।