फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ये हैं ट्रैफिक के खलनायक नंबर-1

विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो...
विज्ञापन

ये हैं ट्रैफिक के खलनायक नंबर-1
नंबर न नंबर प्लेट, सवारी से बदसलूकी
मनमानी में आगे, व्यवस्था बनाने से तौबा
कुछ ऑटो वालों की धमाचौकड़ी से बदनाम हो रहा पेशा
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। 24 घंटे, 365 दिन शहर के इस कोने से उस कोने तक मामूली किराए में पहुंचाने वाली ऑटो-टैक्सी सेवा ने उपयोगिता और सेवा के लिहाज से जो साख बनाई, उस पर उसी के ध्वजवाहक बट्टा लगाने पर तुले हैं। आदर के सूचक इस सेवा का चंद मनबढ़ों ने ऐसा तमाशा बनाया कि नाम लेते ही लोगों का जायका बिगड़ जाता है। इन्हें न तो यातायात के नियम से मतलब है न दूसरे वाहन के आवाजाही से वास्ता है। शहर के नागरिक कहते हैं कि ट्रैफिक के खलनायक नंबर-1 यही हैं।
भीड़ भरे इलाके में कट मारते हुए निकलते देख कोई भी विचलित हो जाए। सवारी से बदसलूकी, पैसे छीनने, छात्राओं से अश्लील हरकत की बात सुनकर लोगों में खासी नाराजगी है। वहीं, यूनियन के लोग भी कुछ अराजक चालकों के चलते फजीहत झेलने को मजबूर हैं। यूनियन के देवेंद्र सिंह कहते हैं कि किसी भी चालक को मालिक नियम-कानून या आचरण को लेकर बिल्कुल भी छूट नहीं देता। कोई मालिक नहीं चाहता कि उसकी गाड़ी या ड्राइवर से कुछ बुरा हो। मगर आएदिन इनके करतूतों से यूनियन के लोग भी लज्जित हो जाते हैं। पुलिस व परिवहन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि जन-उपयोगी सेवा और चालक व मालिक की वाहन से जुड़ी रोजी-रोटी की वजह से छोटी-मोटी बातें नजरअंदाज की जाती हैं लेकिन व्यवस्था को खतरा बनने पर कार्रवाई करने में संकोच नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

केस-एक
सोमवार को जीआईसी के पास एक ऑटो सवार महिला इंदिरानगर जाने के लिए उतरी। छुट्टा नहीं था तो सौ रुपये का नोट उसने चालक को थमा दिया। महिला को अकेली देखकर वह रुपये लेकर रोडवेज की तरफ भागा। दोपहर करीब साढ़े बारह बजे का वाकया होने के कारण आसपास तमाम लोग उसकी हरकत देख रहे थे। कुछ लोगों ने ऑटो वाले का पीछा करके पकड़ तो लिया लेकिन मनबढ़ चालक उल्टे महिला से उलझ गया और हाथापाई पर उतर आया। महिला फोन करने लगी लेकिन वह भाग निकला।
विज्ञापन


केस-दो
दो महीने पहले कमिश्नर आवास से सटकर गुजर रही सड़क पर निर्माणाधीन सर्किट हाउस से पहले स्कूल से छात्राओं को लेकर पहुंचाने जा रहे ऑटो के चालक को आसपास के लोगों ने अश्लील हरकत करते पकड़ा। किराए के ऑटो पर वह शहर की एक इंटरमीडिएट स्कूल की 12वीं की छात्रा को कुआनो तक पहुंचाने ले जा रहा था। मगर सुनसान स्थान देखकर बदनीयती दिखाने लगा। लोगों ने दो-चार हाथ जड़कर पुलिस को कॉल किया लेकिन उसके पहुंचने से पहले उसके साथी पहुंच गए और चकमा देकर उसे छुड़ा ले गए।

मनमानी के नमूने
ज्यादातर ऑटो के नंबर प्लेट गायब, पूछताछ नहीं।
कंपनी बाग ट्रैफिक सिग्नल पर ऑटो खड़े करके पक्के रोड जाम।
अकेली महिला सवारी से बदसलूकी और पैसे छीनने के तमाम आरोप।
गायत्री मंदिर के सामने, अस्पताल चौराहे, दक्षिण दरवाजा अस्त-व्यस्त।
रात में चलने वाले ऑटो से ट्रेन से उतरे यात्रियों को लूटने की कई घटनाएं।
जजेज कॉलोनी के गेट नंबर दो और पूरब महुली रोड पर सीडीओ आवास तक कब्जा।
कचहरी पेट्रोलपंप से शुक्ल एवं न्यायालय तिराहे पर दोनों तरफ पसरे रहते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें