नाले तक अतिक्रमण, औपचारिकता में नोटिस
मालवीय रोड के बड़े नाला का 12 फीट पटरी दबंगों के कब्जे में
एक ओर के अतिक्रमण हटा कर चुप्पी साध गए जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर के मालवीय मार्ग के नालियों से गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था बड़े नाले से बनाई गई है। इस नाले की सफाई के लिए पालिका ने वर्षों पूर्व हुए निर्माण के समय ही दोनों ओर 12-12 फीट की पटरी बनवाई थी। पहले तो यह पटरी खाली थी, मगर जमीन के महत्व को देखते हुए दबंगों ने इस पर कब्जा कर लिया है। इस कब्जे को हटाने के लिए पालिका ने माह भर पहले एक कब्जेदार के भवन का आधा हिस्सा गिरवा दिया, शेष भाग को स्वयं खाली करने का अल्टीमेटम दिया। इसके अलावा अन्य कब्जेदारों को भी पालिका ने नोटिस देकर औपचारिकता पूरी कर ली है।
मालवीय मार्ग के नाले पर अतिक्रमण के चलते इसकी सफाई नहीं हो पा रही है। यही नहीं पटरी पर कब्जा होने से दोनों ओर का रास्ता भी बंद हो गया है। हालांकि, करीब एक दशक पहले गांधी नगर की ओर जाने वाले मार्ग पर पालिका ने रास्ता बनवा दिया था, मगर कुछ दिनों बाद उस पर कब्जा हो गया, जबकि दूसरे रास्ते को भी कब्जेदारों ने बंद कर दिया था। एक ओर के रास्ते का कुछ हिस्सा पिछले माह वार्ड सदस्य के प्रतिनिधि आशीष शुक्ल की पहल पर प्रशासन ने तोड़ दिया, लेकिन तीन तरफ के कब्जे को अब तक हटाया नहीं जा सका है। खबर है कि जहां कब्जा हटा है उसके दूूसरी ओर की पालिका के जमीन को कब्जेदार ने किसी से बेच दिया है और उस पर स्थायी निर्माण कराया जा चुका है। यही हाल गांधी नगर की ओर जाने वाले खड़ंजा मार्ग का भी है। इस पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इन स्थितियों के चलते न तो नाले की सफाई हो पाती है और न इसे हटाने की अब तक कोई पहल हुई। यूं तो शहर के पालिका की तमाम जमीन पर कब्जा किया जा चुका है और पालिका मूक दर्शक बनी है। पिछले दिनों हुई कार्रवाई के बाद पालिका ने यहां के सभी कब्जेदारों को दो नोटिस जारी कर दिया है, मगर कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई पहल नहीं हुई है। खबर तो यह भी है कि पालिका के नोटिस के बाद कार्रवाई की डर से सहमे दबंगों ने अपने रसूख का प्रयोग शुरू कर दिया है। इसके चलते अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी ने कहा कि नाला की पटरी पर अतिक्रमण संज्ञान में है। अतिक्रमणकारियों को नोटिस दे दिया गया है। यदि वे स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो उनसे कड़ाई से निपटा जाएगा। अतिक्रमण हटा कर उनसे इस पर होने वाले खर्च की भी वसूली की जाएगी।