परिवार परामर्श केंद्र पर सुलह समझौता करती पुलिस।
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बस्ती। वैवाहिक रिश्तों की डोर अक्सर गलतफहमियों के कारण कमजोर पड़ जाती हैं। सजग न हुए तो सात फेरों के सातों वचन भूलकर अलग होने में देर नहीं लगती। ऐसे में दोनों पक्षों का ब्रेनवाश यानी काउंसलिंग कर पुलिस ने तमाम दांपत्य सूत्र बंधन टूटने से बचाया है। पुलिस को रविवार को भी ऐसे ही मामूली मनभेद के कारण उजड़ रही दो परिवारों की खुशियों को फिर से आबाद करने में कामयाबी हासिल हुई। एसपी कार्यालय में स्थित परिवार परामर्श केंद्र पर इस बार तीन प्रकरण में सुनवाई हुई, जिसमें दो दंपती अनीता पत्नी राजकुमार निवासी बिजलपुर थाना रुधौली और पल्लवी सिंह पत्नी मनीष चौधरी निवासी चननी थाना कोतवाली का आपस में सुलह हो गया। काउंसलर/महिला थानाध्यक्ष मंजू सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी भूल कबूल करते हुए साथ रहने को राजी हो गए। जबकि तीसरा मामला दो मजहब के बीच का है। रेखा ने अब्दुल से (दोनों के काल्पनिक नाम) 2015 में कोर्ट मैरिज की थी। मगर अलग धर्म-संप्रदाय के कारण ननद और सास से रेखा की नहीं बन सकी। इन परिवारों को जोड़ने में एसआई पूनम श्रीवास्तव, काउंसलर/कांस्टेबल जयश्री यादव, कायनात बानो, प्रियंका ओझा, सुरेंद्र प्रसाद के अलावा बीपी शुक्ला, कुलदीप, श्याम बिहारी वर्मा और जयराम चौधरी का विशेष सहयोग रहा।