धान की बिक्री को पंजीकरण की गति धीमी
15 तक पंजीकरण करा सकते हैं किसान
अब तक 1067 किसान करा चुके हैं पंजीकरण
पिछले वर्ष 28 फरवरी तक 7582 किसानों ने बेचा था धान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। धान खरीद की इस बार नई व्यवस्था की गई है। धान की बिक्री के लिए किसान अपना पंजीकरण ऑनलाइन कराएंगे। इसमें किसान अपनी खतौनी, आधार कार्ड, खाता संख्या आदि का विवरण दर्ज करना होगा। इसी आधार पर उनका पंजीकरण हो जाएगा। पंजीकरण की अंतिम तिथि 15 सितंबर घोषित की गई है। हालांकि पंजीकरण की अब तक की प्रगति बेहद धीमी है, क्योंकि केवल 1067 किसानों का पंजीकरण हो सका है।
धान खरीद में बिचौलियों का हस्तक्षेप खत्म करने के लिए शासन स्तर से अभी से प्रयास शुरू कर दिया गया है। इसके तहत खरीद केंद्रों पर उन किसानों का ही धान खरीदा जाएगा, जिनका पंजीकरण होगा। किसान अपना नाम, पता, खतौनी आदि का विवरण ऑनलाइन दर्ज कराकर पंजीकरण कराएगा। खतौनी में दर्शाए गए रकबे के अनुपात में ही किसान धान की बिक्री कर सकेगा। धान खरीद में इस बार 1750 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी। धान खरीद की प्रक्रिया एक नवंबर से शुरू होगी और यह प्रक्रिया 28 फरवरी तक चलेगी। हो सकता है कि इसी नाते किसान अभी पंजीकरण में खास रुचि नहीं दिखा रहे हैं। पिछले वर्ष 7900 किसानों ने धान की बिक्री की थी। इस साल भी इतनी ही संख्या के आसपास पंजीकरण की उम्मीद जताई जा रही है।
डिप्टी आरएमओ गोरखनाथ त्रिपाठी ने कहा कि विभाग धान खरीद की तैयारी कर चुका है। तय मानकों के अनुसार ही खरीद कराई जाएगी। किसान पंजीकरण कराए बिना धान नहीं बेच सकेंगे। किसान अभी धान की बेहतर खेती करने में जुटे हैं। हो सकता है कि इसीलिए पंजीकरण की गति कुछ धीमी हो। पंजीकरण की तिथि आगे बढ़ने की उम्मीद है।