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गोदाम में 21 वर्ष से चल रहा गौर थाना

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गोदाम में 21 वर्ष से चल रहा गौर थाना
बारिश में टपक रही हैं छतें, टीनशेड में पकता है खाना
छप्पर में बैठ कर प्रभारी निरीक्षक सुनते हैं समस्याएं
गोंडा सीमा से जुड़े गौर थाने पर 141 गांवों की सुरक्षा
अमर उजाला ब्यूरो
गौर। जिले का महत्वपूर्ण थाना सहकारी गोदाम से संचालित हो रहा है। गोंडा सीमा तक विस्तृत इस थाने के कर्मियों को सिर छिपाने के लिए छत तक नसीब नहीं हो सका है। अव्यवस्थाओं के बीच सुरक्षा की जिम्मेदारी ढोई जा रही है।
बारिश के इस मौसम में सहकारी गोदाम की छतें टपक रहीं हैं। पानी और आवासीय सुविधा नहीं होने से पुलिसकर्मियों को दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। टिनशेड में रह रहे पुलिस कर्मियों का निवास और रसोई घर दोनों चल रहा है। जबकि प्रभारी निरीक्षक को छप्पर के कार्यालय में बैठकर लोगों की समस्याएं सुननी पड़ती है। गौर थाना क्षेत्र के 141 गांव की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी इन्हीं अव्यवस्थाओं के बीच करनी है। 1997 में सरकारी गोदाम के दो कमरे में थाना खोला गया था। इस समय पूरा भवन जर्जर हो गया है। इसमें मालखाना व टूटी अलमारियां सुरक्षित की जा रही हैं। कोई दरोगा या सिपाही इस थाने पर रहना पसंद नहीं करता है।
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नए प्रभारी निरीक्षक राम समुझ प्रभाकर ने एक माह में थाने की सूरत कुछ हद तक बदलने की कोशिश की। जर्जर कार्यालय की मरम्मत के साथ ही टाइल्स लगाने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही थाने के अंदर मिट्टी डालकर ईंट लगाई जा रही है। थाने पर तैनात 37 पुलिसकर्मियों में 10 उपनिरीक्षक और एक प्रभारी निरीक्षक, तीन महिला कांस्टेबल,18 कांस्टेबल व पांच एचसीपी हैं। बभनान और टिनिच में चौकी भी स्थापित है। यहां भी वही हालात हैं।
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नए भवन के लिए होती रही वार्ता
प्रभारी निरीक्षक राम समुझ प्रभाकर का कहना है कि थाने की स्थिति के बारे में पूर्व थानेदारों ने अधिकारियों को समय समय पर अवगत कराया है। भवन निर्माण के लिए टिनिच और गौर मार्ग पर भूमि को चिह्नित किया गया है। लेकिन न्यायालय विवाद के चलते नए भवन का निर्माण नहीं हो पा रहा है। एक बार दोबारा थाने की व्यवस्था के बारे में अधिकारियों से वार्ता कर अवगत कराया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि थाने से 15 किलोमीटर दूर हलुआ बाजार में कुछ पुलिसकर्मी और दरोगा किराए के भवन में रहकर ड्यूटी करते हैं। यहां भी सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी होनी चाहिए। क्योंकि यह क्षेत्र बस्ती और गोंडा जिले के बार्डर है।
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