20 करोड़ खर्च पर गड्ढे जस के तस
बस्ती।
पीडब्लूडी विभाग ने 271 सड़कों को गड्ढामुक्त कराने में 20 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर दिया लेकिन सड़कों पर गड्ढ़े जस के तस हैं। जिन सड़कों को गड्ढामुक्त करने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई। उनमें भी अधिकतर ऐसी हैं, जो पहले से भी बदतर हो गई हैं। यह स्थिति लगभग सभी ब्लॉक क्षेत्र में पड़ने वाली सड़कों की है।
विभाग ने जो गड्ढामुक्त सड़कों की रिपोर्ट भेजी है। उसमें 271 सड़कों को शत-प्रतिशत गड्ढामुक्त दिखाया है। 495 किलोमीटर दूरी तक सड़कों को गड्ढा मुक्त कराने में 20 करोड़ 29 लाख रुपये से अधिक का खर्च दिखाया है। एक्सईएन आलोक रमन ने बताया कि सरकार ने एक किलोमीटर सड़क को गड्ढामुक्त करने के लिए 41 हजार रुपये की दर से धन आवंटित किया है। 15 जून 2017 तक 271 सड़कों को शत-प्रतिशत गड्ढामुक्त किया जा चुका है। बताया कि जहां कहीं भी शिकायत मिलती है, उसकी जांच कराकर कार्रवाई के साथ सड़कों को ठीक कराया जाता है। मगर जब रिपोर्ट का परीक्षण कराया गया तो कहानी अलग ही मिली। रामजानकी मार्ग से गजया तक की सड़क को गड्ढामुक्त दिखाया गया, जबकि इस सड़क का नवीनीकरण हुए अभी एक साल भी नहीं बीता है। यही हाल पाऊं से मंधरपुर और लालगंज-बानपुर से बिरितिया मार्ग का भी इन दोनों सड़कों को गड्ढामुक्त करने की आवश्यकता ही नहीं थी। फिर भी यह सड़क कागज में गड्ढामुक्त दर्शाई गई है। इन दोनों सड़कों पर पेंटिंग और सरफेस तक खराब नहीं हुआ। सहनरापुर से गोसैसीपुर की सड़क का भी पेंटिंग और सरफेस तक खराब नहीं हैं। फिर भी विभाग ने इसे गड्ढामुक्त कर दिया। मुंडेरवा-लालगंज से चौबाह सड़क का नवीनीकरण एक साल भी नहीं हुआ और इसे गड्ढामुक्त दिखाकर धन खर्च कर दिया गया। वहीं पर चार किलोमीटर. रामजानकी से मनोवा सड़क पर गड्ढा ही गड्ढा है। इस पर विभाग की नजर नहीं पड़ी और मात्र 25 मीटर सड़क को ठीक करके अन्य को छोड़ दिया गया। जबकि इस सड़क के बगल से मथरपुर और दोफड़ा की खराब सड़क को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया। क्षेत्र के रामचरन, कन्हैयालाल, राम समुझ राजभर, आनंद देव प्रसाद का कहना है कि विभाग को जिन सड़कों को गड्ढा करना चाहिए उसे नहीं किया और जिसे नहीं करना चाहिए उसपर लाखों रुपये खर्च कर डाले। कहते हैं कि यह सब विभाग की मिलीभगत से हुआ है। क्षेत्र के लोगों ने शासन और प्रशासन से जांच कराते हुए कार्रवाई की मांग की है।
18 सड़कों की गुणवत्ता की होगी जांच
मंडी परिषद की ओर से 5.55 करोड़ की बनवाई गई सड़क
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती।
राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के डायरेक्टर धीरज कुमार ने मंडी परिषद के जरिए बनवाई गई सड़कों की गुणवत्ता की जांच करने का आदेश दिया है। डायरेक्टर ने विभाग की ओर से किए गए गड्ढामुक्त सड़कों की जांच कराने को भी कहा है। जिले में 5.55 करोड़ की लागत से बनी 18 सड़कों की जांच होगी।
जिन सड़कों की गुणवत्ता की जांच के आदेश दिए गए हैं, उनमें परशुरामपुर से पड़री बाबू लागत 43 लाख, केनौना चौराहे से रामाज्ञा सिंह के घर तक 21 लाख, धनौवा से मनौवा स्कूल से सिगही कोरमा बरईजोत होते हुए शेखपुरा तक 33 लाख, बस्ती-महसों मार्ग से जखनी से बरसावं तक 29 लाख, बस्ती-कलवारी से पोरखनी तक 15 लाख, नरियांव से पकड़ी नासिर तक 24 लाख, केएमडी स्कूल से बसहवा से बेलाड़ी गोटवा तक 26 लाख, एनएच 28 से अमौली होते हुए बस्ती मेहदावल मार्ग तक 22 लाख, गोविंदनगर गौर मार्ग के किमी. नौवें में नोनहवा अजगैवा जंगल तक 49 लाख, बेलघाट से पिपरा काजी मार्ग 22 लाख, बेलसड़ से पिपरा गेोसाई तक 11 लाख, बेलसड़ से मुइली स्कूल तक 27 लाख, मुसहा बेलघाट मार्ग से पिपरा गोसाई तक 11 लाख, बखिरा-रुधौली मार्ग पर बहादुरपुर से बखरिया तक 63 लाख, इमलिया से मझौवा तक 89 लाख, बस्ती-महसों से साहूपार 20 लाख और बस्ती-बांसी मार्ग पर मुख्य सड़क से बहादुरपुर होते हुए मुडवरा तक लागत 36 लाख।