बस्ती। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की टीम ने ब्लॉक और जनपद स्तर पर मॉनीटरिंग कर ग्राम पंचायतों को आमदनी की राह दिखाई है। जिले की 150 ग्राम पंचायतों ने कचरा बेचकर जनवरी से अब तक 84,115 रुपये की कमाई की है। धनराशि संबंधित ग्राम पंचायत की ओएसआर (ओन सोर्स रेवेन्यू) खाते में जमा करा दी गई है।
इन ग्राम पंचायतों से प्रेरणा लेकर दूसरी ग्राम पंचायतों ने भी काम करना शुरू कर दिया है। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के दूसरे फेज में कूड़ा निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है। जनपद में 1187 में से एक हजार ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन के लिए आरआरसी (रिसोर्स रिकवरी सेंटर) बनकर तैयार हैं। जिसमें से सीडीओ सार्थक अग्रवाल की पहल पर जिले की 150 ग्राम पंचायतों में स्वच्छता से समृद्धि अभियान शुरू किया गया है। इसमें से ये पंचायतें कूड़ा कलेक्शन और कूड़े में मिलने वाले सामान को बेचकर पैसा कमा कर रही हैं।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन से आमदनी के साथ गांव में स्वच्छता भी बढ़ी है। प्लास्टिक कचरा के अलावा बने बायोगैस प्लांट से बायोस्लरी बेचकर कमाई हुई है। सभी ब्लॉकों में प्लास्टिक के डब्बे और मोटे प्लास्टिक की बिक्री करके स्वच्छ भारत मिशन को आय प्राप्त हुई है। साथ ही सभी आरआरसी सेंटर पर इकट्ठे कचरे की छंटनी करके उसे बेचने से आय प्राप्त हुई है। कचरा छंटनी के बाद निकले लोहा, मेटल, कांच, प्लास्टिक आदि और कंपोस्ट खाद बेचकर मिलने वाली धनराशि ग्राम पंचायत ओएसआर बैंक खाते में जमा कर दी गई है।
इस पैसे से मजदूर, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को मानदेय दिया जाएगा। बची धनराशि अन्य विकास कार्यों में उपयोग की जाएगी। इससे ग्राम पंचायतें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनेंगी। डीपीसी एसबीएम राजाशेर सिंह ने बताया कि गांव में सभी दुकानों से प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया जा रहा है। कचरा आमदनी का अच्छा जरिया साबित हो सकता है। जनवरी से मार्च तक 2596 किलो प्लास्टिक वेस्ट एकत्र किया गया है।
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संसाधनों पर एक नजर
इन मॉडल गांव में तैनात सफाई कर्मियों को 13 ग्लब्स गमबूट, गलब्स गमबूट मास्क 137, माइक-लाउडस्पीकर ध्वनि प्रसारक की व्यवस्था 150, सफाई कर्मियों की संख्या 384, मॉडल गांव राजस्व गांव की संख्या 341 और मॉडल ग्राम पंचायतों की संख्या 150 है।
इन ब्लॉकों से मिले इतने धन
बहादुरपुर 3840, बनकटी 4340, बस्तीसदर 5597, दुबौलिया 4025, गौर 4382, हर्रैया 9558, कप्तानगंज 2545, कुदरहा 4105, परशुरामपुर 3991, रामनगर 21698, रुधौली 1322, सल्टौआ 3483, सांऊघाट 12834 और विक्रमजोत ने 2395 रुपये प्राप्त किया है।
कोट
स्वच्छता के साथ कूड़ा आय का जरिया भी बना है। चयनित गांव में रोजाना सफाई कर एकत्र कूड़े की छंटनी कर प्लास्टिक, लोहा, कांच आदि अलग-अलग कर उसकी बिक्री की जा रही है। अर्जित आय खाते में जमा कर रहे।
-घनश्याम सागर, डीपीआरओ, बस्ती।