पुलिस ने चुनाव में व्यस्तता की वजह से मांगा वक्त
30 मई को राहुल मद्धेशिया अपहरण केस की अगली सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। बहुचर्चित राहुल मद्धेशिया अपहरण केस में गले की हड्डी बनी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की संपत्तियों को कुर्की से पुलिस को 15 दिन की फिर मोहलत मिल गई। लोकसभा चुनाव में पुलिस बल की व्यस्तता के आधार पर कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में समय मांगा। जिसे मंजूर करते हुए 30 मई तक की मोहलत दे दी गई। इस बीच लखनऊ की संपत्ति की कुर्की और गुमनाम पत्र के जरिए गोरखपुर में बताई गई संपत्ति के बारे में ब्योरा जुटाकर 30 मई को न्यायालय में पेश करना होगा।
एमपी एमएलए फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत बुधवार को सुनवाई थी। लगातार न्यायालय से गैर हाजिर रहने की दशा में न्यायालय ने आरोपी पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी की सभी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया है। इसके तहत पुलिस ने जनपद महराजगंज और लखनऊ में अमरमणि की संपत्ति पाए जाने की रिपोर्ट न्यायालय को सौंपी।
दोनों संपत्तियों की कुर्की की कार्रवाई शुरू हुई। इस क्रम में कोतवाली पुलिस ने 13 अप्रैल को महराजगंज जनपद में इनके नौतनवा स्थित आवास को कुर्क किया था। 30 अप्रैल को इसकी रिपोर्ट न्यायालय में पेश भी की गई। जबकि उनके लखनऊ स्थित संपत्ति की कुर्की के लिए पुलिस ने मोहलत की अर्जी लगाई। न्यायालय ने पुलिस को कुर्की के लिए समय तो दे दिया, मगर न्यायाधीश ने न्यायालय में गोपनीय पत्र प्राप्त होने का जिक्र किया। दसके आधार पर कोतवाली पुलिस को आदेश दिया कि गुमनाम पत्र में बताई गई संपत्तियों की जांच करके यदि गोरखपुर में भी आरोपी अमरमणि की संपत्ति पाई जाए तो उसे भी कुर्क किया जाए। इस आदेश के बाद सक्रिय हुई कोतवाली पुलिस ने लिखा-पढ़ी शुरू कर दी है।