गांधीनगर गुरूद्वारे पर आयोजित शबद कीर्तन में उपस्थित लोग।
- फोटो : अमर उजाला
बस्ती। सत गुरु नानक प्रगटया...की स्वर लहरी गूंजी। गुरुवाणी के स्वर कानों में अमृत रस घोल गए और संगत उसमें डूबने उतराने लगा। एक बार गुरुवाणी ने स्वर बिखेरा तो यह क्रम देर शाम तक चलता रहा। इस बीच श्रद्धालुओं ने गुरु ग्रंथ साहिब के चरणों में शीश नवाया।
गुरु नानक के 549 वें प्रकाशोत्सव पर्व पर शुक्रवार को ऐसा ही कुछ नजारा गुरुद्वारा गांधी नगर में दिनभर रहा। गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा की ओर से इस दौरान 81 वां वार्षिकोत्सव भी मना। गुरुवाणी व कथा का प्रवाह दिन भर चला। जगाधरी यमुनानगर के प्रसिद्ध कीर्तन कलाकार भाई हरप्रीत सिंह एवं साथियों ने कीर्तन की गंगा बहायी। हरियाणा के कलाकार अजीत सिंह संधु के कीर्तन व भजन ने संगत का मन मोह लिया।
मुख्य सेवादार भाई प्रदीप सिंह व बीबी परमिंदर कौर के सत गुरु नानक प्रगटया, मिटी धुंध जग चानन होय...ने श्रद्धालुओं को झूमने पर विवश कर दिया। मुख्य सेवक ने गुुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष अरदास किया। अंत में गुरु ग्रंथ साहिब से मुख्य वाक्य यानी आदेश पढ़ा गया। उसके बाद कड़ाहा प्रसाद वितरित हुआ। गुरुद्वारा के प्रधान सरदार हरबंश सिंह सचदेवा ने संगत को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। इस मौके पर कुलवेंद्र सिंह जैमस, हरी सिंह बबलू, जसवंत सिंह बाधवा, रंजीत सिंह सेठी, त्रिलोचन सिंह होरा, गुरुनाम सिंह, अजीत पाल सिंह बाबी, चरण प्रीत सिंह, स्वर्ण सिंह, हरविंदर सिंह, शबद जी और प्रभुप्रीत सिंह आदि ने सहयोग किया।