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जिला अस्पताल पर मनमानी का ग्रहण

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60 सफाई कर्मियों के बाद भी गंदगी हर ओर
जिला अस्पताल में सफाई पर खर्च होते हैं सालाना 56 लाख रुपये
खराब पड़ा है आरओ, पार्किंग व्यवस्था ही नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। सरकार स्वच्छता पर भले ही लाखों खर्च कर रही हो, लेकिन अस्पताल में ही जिम्मेदारों की मनमानी का ग्रहण लग रहा है। यहां स्वच्छता का असर नहीं दिखता। कारण की चहुंओर गंदगी दिखाई पड़ती है। जिला अस्पताल में घुसते ही यहां के सफाई व्यवस्था की पोल इधर-उधर बिखरे कूड़े खोल रहे हैं। हैरानी यह कि इस अस्पताल में साफ-सफाई के लिए 60 कर्मचारियों को लगाया गया है। जिनपर सालाना खर्च लगभग 56 लाख के आस-पास है। बावजूद इसके स्थिति बद से बदतर है। इमर्जेंसी वार्ड के ठीक पीछे लगभग ट्राली भर कूड़ा पड़ा हुआ है, जिससे उठती दुर्गंध से लोग नाक पर रुमाल रख लेते हैं। वार्डों की भी यही स्थिति है। यहां दाखिल होने से ऐसा लगता है कि कई दिनों से पोछा तक नहीं लगा। ऑपरेशन थियेटर के ठीक सामने स्थित नाली में सिल्ट है। पेय जल मुहैया कराने के लिए परिसर में लाखों खर्च कर लगाया गया आरओ सिस्टम भी खराब है। इस वजह से लोग गंदगी के बीच मौजूद हैंडपंप से अपनी प्यास बुझा रहे हैं। रही-सही कसर परिसर में विचरण करते छुट्टा पशु पूरी कर रहे हैं, इन पशुओं ने अब कई को चोटिल भी कर दिया है।
बच्चे का इलाज कराने बांसी से आए राजेश कुमार ने कहा कि यहां न तो पेयजल की व्यवस्था है और न ही बेहतर साफ-सफाई। लालगंज के निरंजनपुर निवासी राम मिलन ने बताया कि सरकार भले ही लाखों रुपये खर्च करे लेकिन व्यवस्था सुधरने वाली नहीं है। कुदरहा निवासी उमेश गोस्वामी व संतकबीरनगर के बब्लू पांडेय ने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में पेयजल तक की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में लोग मजबूरी में पानी खरीद कर पी रहे हैं।
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किस-किस को मना किया जाए
अस्पताल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था न होने से सैकड़ों वाहन यहां बेतरतीब ढंग से खड़े नजर आते हैं। इस वजह से मरीजों को वार्ड तक जाने में काफी कठिनाई होती है, जिम्मेदारों की बात करें तो उनका कहना है कि किस-किस को मना किया जाए, यहां हर कोई तो नेता है।
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जल्द सुधरेगी व्यवस्था : एसआईसी
अस्पताल परिसर की साफ-सफाई मामले पर एसआईसी मेजर डॉ ओपी सिंह कहते हैं कि विशेष ध्यान दिया जाता है। खुद ही निरीक्षण करता हूं। जहां तक रही आरओ के गड़बड़ होने की बात तो उसे जल्द ठीक कराया जाएगा। वाहन पार्किंग की भी व्यवस्था जल्द ही बन जाएगी।
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