सरयू में फिर उफान, खतरे से 50 सेमी ऊपर नदी
दुबौलिया के खलवा गांव के पास शुरू हुई थी कटान
10 मीटर बेस बहा, एक मीटर बांध का स्लोप क्षतिग्रस्त
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सरयू नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। ऐसे में तटबंध और सरयू के बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों की परेशानियां बढ़ती ही जा रही हैं। शनिवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 से 50 सेंटीमीटर ऊपर 93.230 सेंटीमीटर पर रहा।
जिले के अतिसंवेदनशील तटबंध कटरिया-चांदपुर में शुक्रवार को बाढ़ खंड के अधिकारियों को कोई समस्या नहीं आई। मगर शनिवार सुबह करीब पांच बजे से ही खलवा गांव के पास कटान लग गई। देखते ही देखते 10 मीटर बोरियों का बेस व एक मीटर बंधे का स्लोप कटकर नदी में समा गया। मौजूद अधिकारियों ने कटान स्थल पर मजदूर लगाकर ईंट के रोडे़ व बोल्डर डाल कर हालात को नियंत्रण में कर लिया। इस अति संवेदनशील तटबंध के तीन किलोमीटर दायरे में पानी का दबाव कम होने का नाम ही नहीं है। क्षतिग्रस्त ठोकर व कटे तटबंध पर मरम्मत कार्य जारी है। एक माह से पानी से घिरे गांव सुविखा बाबू, खजांचीपुर, टेढवा आदि गांव के लोगों की दिनचर्या में बाढ़ शामिल हो गई है। ग्रामीण श्याम सुंदर, जीतमल आदि का कहना कि बरसात के चार माह हम सबको पानी के बीच ही गुजरानी पड़ती है। सर्वाधिक समस्या पश़ुओं के चारे और व स्कूली बच्चों को है। जलस्तर बढ़ने से किशुनपुर मोजपुर रिंगबांध व टकटवा रिंगबांध पर दबाव बढ़ने लगा है। केन्द्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार रात से नदी का जलस्तर घटने का अनुमान है।
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बाढ़ पीड़ितों की कम नहीं हो रही मुसीबत
रविवार तक और बढ़ सकता है जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। सरयू नदी रविवार तक और बढ़ सकती है। शनिवार को जलस्तर खतरे के निशान से 50 सेंटीमीटर ऊपर रहा। जिसे देखते हुए माझा क्षेत्र में बसे ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है।
अयोध्या स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय के मुताबिक अप स्ट्रीम में नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। रविवार तक और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के नदी के किनारे बसे गांव वालों की मुसीबत पिछले एक महीने से कम होने की नाम नहीं ले रही है। अभी कुछ दिन पहले ही रास्तों व घरों से पानी निकला था। वहीं, दूसरी ओर सरयू नदी की कटान जारी है। लगातार जलस्तर में वृद्धि व कटान से ग्रामीणों के होश उड़ गए हैं। केशवपुर से लेकर रानीपुर, बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चानपुर, संदलपुर, छतौना गांव के पास लगातार कटान कर रही नदी से खेती योग्य भूमि धारा में बहाती जा रही है। कल्यानपुर में केशवचन्द पाण्डेय के घर के पीछे एक बार फिर कटान शुरू हो गयी तो लोग घबरा गए। भरथापुर में हो रही कटान न रुकने ग्रामीण सकते में हैं। सभी को अपना आशियाना गंवाने का भय सता रहा है। नदी में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की फसल डूबी हुई है जिससे पशुओं को चारे का संकट बढ़ा है। ग्रामीण नाव से नदी की धारा को पार कर जान जोखिम में डालकर पशुओं के लिए चारे का प्रबंध कर रहे हैं। कल्यानपुर व भरथापुर के शीतल प्रसाद, केशव चन्द्र पाण्डेय, भरथ लाल, राम बहादुर, जगलाल समेत सैकड़ों ग्रामीण पहरा देकर रात गुजार रहे हैं।