सरयू की रफ्तार थमी, कटान बेलगाम
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर कम नहीं हुआ संकट
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सोमवार रात से ही सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के मुताबिक मंगलवार शाम जलस्तर 92.750 मीटर बना हुआ है। लेकिन नदी के तटबंध पर दबाव बरकरार है।
जलस्तर स्थिर रहने पर भी कटरिया-चांदपुर तटबंध पर संकट के बादल हैं। तटबंध का बेस ज्यादा दूरी में बैठने के बाद मरम्मत कर दिया गया। सोमवार शाम सात बजे तटबंध की सुरक्षा के लिए बनाया गया बेस करीब 50 मीटर नदी की धारा में बह गया था। जिसे लेकर गांव वालों और बाढ़ खंड के अधिकारियों से नोकझोंक भी हुई थी। ग्रामीणों के उग्र तेवर की सूचना पर दुबौलिया थानाध्यक्ष पंकज गुप्ता, एसडीएम हर्रैया एसपी शुक्ला, तहसीलदार मोहम्मद जसीम ने मौके पर पहुंच कर लोगों को शांत कराया था। इसके बाद मंगलवार भोर तक बाढ़ खंड के अधिकारी मजदूरों के साथ मरम्मत कार्य में जुटे रहे। ग्रामीणों का कहना है कि बोल्डर सिर्फ कटान के समय डाला जा रहा है और मरम्मत कार्य में सिर्फ मिट्टी व रोड़े से भरी बोरियों से काम चलाया जा रहा है। भय के मारे ग्रामीण अपनी गृहस्थी समेटने लगे थे यहां तक कि पशुओं को भी दूर ले जा कर बांध दिए थे। एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि तटबंध पर मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है स्थिति नियंत्रण में है। पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।
वहीं, विक्रमजोत-लोलपुर तटबंध के ठोकर नं. एक का नोज बैठने से तटवर्ती गांवों के लोग भी दहशत में आ गए थे। यहां सरयू नदी बांध से सट कर बह रही है। जलस्तर बढ़ने से अर्द्धनिर्मित (महज दो किलोमीटर) बांध के सभी ठोकरों पर दबाव अचानक बढ़ गया था। यहां अयोध्या पुल से धारा सीधे आकर बांध से टकराती है। कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, रानीपुरकठवनिया, भदोई, सीतारामपुर, गौरियानयन आदि सीवान में भी पानी पहुंच रहा था। जलस्तर स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस ली। बाढ़ खंड के अभियंता दयाशंकर सिंह और मकलूराम मौके पर निगरानी कर रहे हैं।
फोटो
कमिश्नर और डीआईजी भी पहुंचे तटबंध
दुबौलिया/कल्याणपुर। मंडलायुक्त अलका टंडन भटनागर और डीआईजी रेंज डॉ. राकेश शंकर मंगलवार दोपहर बाढ़ का हाल जानने पहुंचे। अधिकारियों से मरम्मत कार्यों की जानकारी ली। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे अतिसंवेदनशील तटबंध-कटरिया चांदपुर पहुंचीं कमिश्नर ने बाढ़ खंड के अधिशाषी अभियंता डीके त्रिपाठी व एसडीओ जितेंद्र कुमार को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान डीआईजी ने अधिशाषी अभियंता से तटबंध की चौड़ाई का मानक पूछा। अधिशाषी अभियंता ने पांच मीटर चौड़ा होना बताया। डीआईजी ने कहा की तटबंध की चौड़ाई पांच मीटर से कम है। ऐसे में तटबंध कैसे नदी के बहाव से बचेगा। हर्रैया एसडीएम एसपी शुक्ला, जेई संजय यादव, गणेश पाठक, अनिल सिंह, संदीप रजत तिवारी, इमरान अली आदि मौजूद रहे।
अक्टूबर से शुरू होगा बांध निर्माण: कमिश्नर
विक्रमजोत। कटरिया-चांदपुर निरीक्षण के बाद कमिश्नर और डीआईजी विक्रमजोत के कटान प्रभावित गांवों में पहुंचे। तटबंधविहीन गांव कल्यानपुर व भरथापुर के हालात का जायजा लिया। सरयू की धारा से सटे प्राथमिक विद्यालय सीतारामपुर, पूर्व माध्यमिक विद्यालय कल्यानपुर और नदी के किनारे के घरों के लोगों से जानकारी ली। जेई मकलूराम को कटान रोकने के काम में ढिलाई पर सख्त लहजे में तेजी लाने के निर्देश दिए। कमिश्नर अलका टंडन भटनागर ने कहा कि शासन के पास धन की कमी नहीं है। अक्टूबर से आगे का बांध निर्माण शुरू हो जाएगा। जहां तक गांव बचाने का सवाल है इसके लिए बाढ़ खंड के इंजीनियर्स लगे हैं। गांव के विस्थापन पर कहा कि आवश्यकता पड़ेगी तो उसकी भी व्यवस्था होगी। खाद्यान्न की पूरी व्यवस्था है। राहत कैम्प व नाव भी पर्याप्त है। प्रशासन हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
फोटो
रेनकट और रैटहोल ने क्षतिग्रस्त किया बांध
कलवारी। बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के माझाखुर्द से धोबहट के बीच वीडी (विक्रमजोत-धुसवा) बंधे पर तीन दिन की झमाझम बारिश ने रेनकट को बढ़ा दिया है। बांध के लगभग दो हिस्सा रेनकट और रैटहोल की चपेट में है। गनीमत कि उक्त स्थान पर नदी का दबाव बंधे पर नहीं है। नहीं तो पूरा क्षेत्र जल मग्न हो गया होता। बधे के किनारे के लोगों का कहना है कि बंधे की मरम्मत की जिम्मेदारी जिन पर है वे अभी तक दिखाई नहीं दिए हैं। बंधे की निगरानी जब बरसात में नहीं हो रही है तो कब होगी। सैफाबाद निवासी महातम सिंह ने बताया कि इसकी सूचना बाढ़ खंड के अधिकारियों को दी गई लेकिन अब तक कोई भी जिम्मेदार बांध की दशा देखने तक नहीं आया। मरम्मत के उपाय की बात ही अलग है।