शिकायतों के निस्तारण पर डीएम गंभीर
संपूर्ण समाधान दिवस : आम जन के लिए जारी किया व्हाट्सएप नंबर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। संपूर्ण समाधान दिवस पर लेखपालों की हड़ताल का असर मंगलवार को साफ नजर आया। हालांकि, डीएम डॉ. राजशेखर ने शिकायतों के निस्तारण पर गंभीर रुख अख्तियार कर आम जन के लिए सीधे व्हाट्सएप नंबर जारी कर दिया। इस नए एप पर आमजन अपनी समस्याएं डालेंगे, जिसकी मॉनीटरिंग डीएम खुद करेंगे।
डीएम की अध्यक्षता में सदर तहसील का संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित हुआ। कुल 83 मामलों का पंजीकरण हुआ, जिसमें 12 को मौके पर जबकि 15 मामलों में बुधवार को आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश डीएम ने दिए हैं। उन्होंने पिछले तहसील दिवसों के मामलों की समीक्षा भी की। डीएम ने आम जन के लिए 9517555666 नंबर का व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। इसमें जनसामान्य के सूचनाओं के साथ अवैध व असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की कार्रवाई करेगा। इस मौके पर एसपी दिलीप कुमार, सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा, पीडी आरपी सिंह सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार समाधान दिवस में 44 मामले आए जिसमें चार का ही निस्तारण हुआ। अध्यक्षता ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं एसडीएम रुधौली अमनदीप डुली ने की। हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार कार्यक्रम में यूं तो तमाम अधिकारी नहीं पहुंचे, मगर विभागीय कर्मियों ने कमान संभाली। संपूर्ण समाधान दिवस में पीडब्लूडी के सहायक अभियंता व स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हर्रैया की अनुपस्थित की रिपोर्ट डीएम को भेेजी गई है। भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार संपूर्ण समाधान दिवस में सीओ शिव प्रताप सिंह व तहसीलदार नवीन प्रसाद ने लोगो की समस्याएं सुनी। कुल 53 मामले पंजीकृत हुए, जिसमें से पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। दोपहर बाद 1:30 बजे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अमनदीप डुली तो इसके बाद स्थानीय विधायक संजय प्रताप जायसवाल भी कार्यक्रम में पहुंचे। भाकियू ने लेखपालों की हड़ताल से आ रही समस्याएं गिनाईं। साथ ही गोदाम से कोटेदारों को गल्ला तौल कर न दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। इस मौके पर बीडीओं रामनगर हरिश्चन्द्र, वन क्षेत्राधिकारी रण विजय सिंह, बीईओं अखिलेश सिंह, सीडीपीओ दिलीप वर्मा, एडीओ पंचायत रामनगर राम चन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
लापरवाह जिम्मेदार, फरियादी लौटे निराश
हर्रैया। शासन की प्राथमिकता वाले संपूर्ण समाधान दिवस को लेकर अधिकारी कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा हर्रैया में लगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले सीडीओ ही न तो समय से पहुंचे और न ही निर्धारित समय तक मौजूद रहे। करीब 12.45 बजे उनके जाते ही मौजूद अन्य अधिकारी व कर्मचारी औपचारिकता निभाते नजर आए। कुल 53 फरियादियों ने अपनी समस्याओं से जुड़े प्रार्थना पत्र दिए, जिसमें से केवल सात का ही निस्तारण मौके पर हुआ। मंगलवार को तहसील सभागार मे आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस सीडीओ अरविंद कुमार पांडेय की अध्यक्षता मे 10 बजे से शुरू होना था। वह करीब 11 बजे तहसील सभागार मे पहुंचे और डेढ़ घंटे तक बैठने के बाद 12:40 बजे वे सभागार से बाहर निकल गए।
भरगंवा गांव निवासी मुरली तिवारी गाटा संख्या 89 जो गड्ढा दर्ज है पर गांव के दबंगों ने कब्जा कर लिया है की शिकायत लेकर तहसील में आए थे। सीडीओ से मिलकर अपनी बात कहना चाहते थे मगर वह नहीं मिले। इसी गांव के लाल चंद तिवारी, ओम प्रकाश तिवारी गाटा संख्या 93, 94 अ, 94 ठ की नवैयत बदलकर बंजर कर कब्जा कर बन रहे मकान को रोकने संबधित प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे। बताया कि इससे पहले हुई शिकायत पर कब्जा कर रहे लोगों पर तहसीलदार की रिपोर्ट पर 115 सी का कार्रवाई भी की गई है मगर आरोपी उस पर पक्का निर्माण कर रहे हैं।
परशुरामपुर के आनंद कुमार गौतम ने पुरानी रंजिश में उसके साथ हुए मारपीट के मामले में थानेदार के मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने संबधित शिकायती पत्र दिया। आरोप है कि पुलिस मामले आरोपियों को बचाने के लिए उसे सुबह शाम बुलाकर टरका रही है।
धनेवा भट्ट के प्रभाकर शर्मा ने सीएचसी पर आपातकालीन चिकित्सक की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत करते हुए दिए प्रार्थना पत्र दिए। आरोप लगाया है कि रविवार को उनके बच्चे की तबीयत खराब हो गई। वह रात में करीब आठ बजे अस्पताल पहुंचे तो कोई मौजूद नहीं था।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय अमोढ़ा खास में महिला रसोइया बिना कारण निकाले जाने की शिकायत लेकर पहुंची। सभी के प्रार्थना पत्र संबधित विभागों के मौजूद कर्मियों को निस्तारण के लिए सुपुर्द किया गया। निराश फरियादियों का कहना है कि जब सभी विभागों के अधिकारी तहसील में मौजूद रहते हैं तो प्रार्थना पत्रों की सुनवाई मौके पर क्यों नहीं होती।