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स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल

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स्कूल भवन के नौ लाख रुपयों का गोलमाल
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बस्ती।
स्कूल भवन के नाम पर दिए गए नौ लाख रुपये की बंदरबांट करने का मामला प्रकाश में आया है। शिक्षा विभाग के सामने यह मामला 15 साल बाद आया है। इतना ही नहीं जांच टीम को जिस स्थान पर स्कूल भवन का निर्माण होना था, वहां पर छप्पर मिला। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारी सदर को स्थलीय जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है। मामला सदर ब्लॉक के लोहिया समग्र ग्राम जोगिया का है। यह ग्राम न्याय पंचायत गौरा में आता है।
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अभिलेखों के मुताबिक ग्राम पंचायत गौरा में वर्ष 2002-03 में नये प्राथमिक विद्यालय भवन निर्माण के लिए लगभग नौ लाख रुपये जारी हुए। जांच रिपोर्ट के अनुसार उस समय प्रधान राम आसरे और भवन निर्माण प्रभारी और हेडमास्टर दयाराम यादव रहे। वर्तमान में ये दोनों कहां हैं। इसकी जानकारी बीएसए कार्यालय को भी नहीं है। मामला सामने आने के बाद ढूंढने की कार्रवाई तेज हो गई। इसकी शिकायत होने पर डीएम ने जिला अर्थ संख्याधिकारी और डीआरडीएम के एई को जांच अधिकारी नियुक्ति किया। जांच टीम ने जो रिपोर्ट दी वह काफी चौंकाने वाली रही। जिस स्थान पर स्कूल भवन का निर्माण होना था, उस स्थान पर वर्तमान में राम सुरेश नाम व्यक्ति का कब्जा बताया गया। जमीन पर छप्पर बना मिला। डीएम अरविंद कुमार सिंह ने इसे सरकारी धन का गबन मानते हुए बीएसए से आख्या मांगी। आख्या देने से पहले बीएसए ने बीईओ सदर को स्थलीय निरीक्षण और अभिलेखीय जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया। बीएसए सत्येंद्र कुमार सिंह ने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद डीएम और विभाग की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
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