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कलवारी-रामपुर बंधां दो मीटर कटा, मची

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कुदरहा (बस्ती )। बाढ़ विभाग के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है। पिपरपाती के पास घाघरा तटबंध को बचाने के लिए पानी की तरह बहाया धन, शनिवार को पानी में ही चला गया। दिन में करीब 12 बजे उस समय क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जब कलवारी-रामपुर बंधे की 50 मीटर लंबाई में ताबड़तोड़ कटान शुरू हो गई, देखते ही देखते महज आधे घंटे में तीन मीटर बंधा कटकर धारा में चला गया। इससे क्षेत्र में खलबली मच गई। कटान को देख लोगों के हाथ-पांव फूल गए। हालांकि, कुछ ही समय बाद कटान रुक गई और विभाग डैमेज कंट्रोल में जुट गया। मगर बंधे के वजूद को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कुदरहा क्षेत्र के 40 गांवों की सुरक्षा के लिए बनाया गया घाघरा तटबंध का वजूद खतरे में पड़ गया है। करीब सात वर्षों से बाढ़ खंड बंधे कीसुरक्षा के नाम पर लगभग 40 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। तीन संवेदनशील बंधों में यह भी बंधा है। विभाग ने संवेदनशीलता का बहाना बनाकर धन तो पानी की तरह बहा दिया मगर बंधा पूरी तर से सुरक्षित नहीं कर पाया। अधिकारी और ठेकेदार मालामाल हो गए, मगर क्षेत्र के लोगों को बाढ़ के समय रातों की नींद चली जाती है। इधर, बंधे को बचाने के लिए हाल ही में 15 सौ मीटर में 13 करोड़ रुपये से लांचिंग एप्रेन और पिचिंग का कार्य पूरा होने को है और इसी हिस्से के ठोकर नंबर पांच के पूरब दिन में करीब साढ़े तीन बजे घाघरा की कटान से सबके हाथ-पांव पूल गए। नदी का यही रौद्र रूप अगर 30 मिनट और रह जाता तो पिपरपाती, चकिया, पलैहिया, डिहुकपुरा, छिबरा सहित कई गांव पानी में लीन हो जाता। कटान होने की खबर लगते ही एक्सईएन डीके त्रिपाठी, एई बलराम यादव और जीतेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। इस मौके पर जेई राघवेंद्र कुमार और आरपी पांडेय मौजूद रहे। उसके बाद एडीएम भगवान शरण, एसडीएम राजनरायन तिवारी, एनटी अमर चंद्र वर्मा, एसओ विक्रम सिंह, चौकी प्रभारी दुर्गा प्रसाद, कानूनगो जनार्दन मिश्र, लेखपाल इंद्रजीत यादव, हरिशंकर गौड़ मौजूद रहे।
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जलस्तर 92.590 पर स्थिर
विक्रमजोत। कल्याणपुर सहजौरा, भरथापुर में कटान पर नियंत्रण नहीं हो सका है। शनिवार को अयोध्या कार्यालय के मुताबिक जलस्तर 92.590 पर स्थिर रहा जो कि खतरे के निशान से 14 सेमी नीचे है। विक्रमजोत-लोलपुर बांध के 14 स्परों में से चार के नोज बह चुके हैं। भदोई गांव के सामने के स्पर में दरारें शुरू हो गई हैं। घाघरा कि मुख्य धारा व सहायक टेढ़ी नदी के मध्य मैरुंड हो गए। सहजौरा पाठक के निवासी घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं जबकि डीएम के निर्देश पर विक्रमजोत चौकी प्रभारी और लेखपालों के एक दल ने गांव जाकर घर छोड़ने की मुहिम चलाई लेकिन लोगों ने मना कर दिया। पड़ाव के नाम से मशहूर भारतीय सेना की लगभग 14 हेक्टेयर भूमि पर भी बाढ़ का पानी भरने लगा है। ग्रामप्रधान संजय यादव का कहना है कि मिलिट्री लैंड की जमीन भी कट रही है। रविवार को फैजाबाद के डोगरा रेजीमेंट के अफसरों ने भी निरीक्षण किया था। प्रशासनिक अफसर भी प्रतिदिन जायजा ले रहे हैं।
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