परिषदीय स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामाकंन कर एमडीएम, दूध और फल में गोलमाल करने के आरोप में बीएसए मनिराम सिंह ने हर्रैया ब्लॉक क्षेत्र के 14 हेड मास्टरों का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया। साथ ही सभी हेड मास्टर को खंड शिक्षा अधिकारी दुबौलिया के माध्यम से स्पष्टीकरण देने को कहा है। एक दिन पहले इसी मामले में एक हेड मास्टर को निलंबित और पांच का वेतन रोका जा चुका है।
बीएसए ने बताया कि दुबौलिया के खंड शिक्षा अधिकारी से हर्रैया ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कराया गया, जिसमें 14 प्राइमरी स्कूल के हेड मास्टरों को भोजन, फल और दूध के धन का गबन करने के आरोप में अग्रिम आदेश तक वेतन रोका गया है। जिन स्कूलों के हेड मास्टरों का वेतन रोका गया उनमें प्राइमरी स्कूल कीर्तिपुर की हेड मास्टर मिथिलेश पांडेय, सुकरौली शुक्ल के शैलेष कुमार सिंह, जूनियर स्कूल चोरखरी के हेड मास्टर जटाशंकर प्रसाद, प्राइमरी स्कूल देबया बक्स पांडेय के केशव प्रसाद, नरायनपुर स्कूल के राजकुमार, जूनियर स्कूल बड़ेरिया कुंवर के हेड मास्टर अंबिका प्रसाद चौधरी, प्राइमरी स्कूल बाछनपुर की हेड मास्टर रेनु गुप्ता का का नाम शामिल है।
इसी तरह प्राइमरी स्कूल महुआपार के हेड मास्टर हरिश्चंद्र पांडेय एवं जूनियर स्कूल महुआपार के हेड मास्टर राम लखन, जूनियर सकूल सर्रैया तिवारी के हेड मास्टर रमापति का अग्रिम आदेश तक और इसी स्कूल के सहायक अध्यापक राम अनुज का एक दिन का वेतन रोका गया। प्राइमरी स्कूल भवनापुर के हेड मास्टर आज्ञाराम, दौलतपुर के जीतेंद्र, जूनियर स्कूल दौलतपुर के हेड मास्टर अनिरुद्ध प्रसाद का अग्रिम आदेश और इसी स्कूल के सहायक अध्यापक कृष्ण मुरारी का एक दिन का वेतन रोका गया। बताते चलें कि परिषदीय स्कूलों में बच्चों का फर्जी नामाकंन और एमडीएम, दूध और फल में गोलमाल के आरोप काफी समय से लगते रहे हैं।