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संचालित नहीं हो सके पशु आश्रय स्थल

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नहीं संचालित हुए पशु आश्रय स्थल
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फसलों को क्षति पहुंचा रहे छुट्टा पशु, किसानों की गाढ़ी कमाई चट कर रहे
अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत। ब्लॉक क्षेत्र में छुट्टा जानवरों के चलते किसानों की नींद उड़ गई है। दिन हो या रात रखवाली करते झपकी लगी तो गाढ़ी कमाई छुट्टा पशु चट कर देते हैं। पेट भरने के लिए बेसहारा जानवरों और मजबूर किसान दोनों की जान पर आ बनी है।
सरकार ने छुट्टा पशुओं के लिए गोवंश संरक्षण योजना के तहत ब्लॉक क्षेत्र की 10 न्याय पंचायतों के अंतर्गत 10 ग्राम पंचायतों मलौली दूबे, मल्हनी, लजघटा, मेढ़ैयाशुक्ल, रूपगढ़, मड़ना माझा, मल्हूपुर, पूरेचेतन, सौरी, रामगढ़ में मनरेगा कन्वर्जन मद से ग्राम विकास विभाग अभिकरण की ओर से तीन चरणों में पशु आश्रय स्थलों का निर्माण कराया जाना था। इसमें प्रथम चरण मे चयनित दो ग्राम पंचायतों में अभी तक विक्रमजोत न्याय पंचायत के मलौली दुबे मे 1.41 हेक्टेयर में 3.42 लाख लागत से तथा इमलिया न्याय पंचायत के मल्हनी में लगभग एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 3.10 लाख की लागत से छुट्टा पशु आश्रय स्थल का निर्माण कार्य महज कागज पर चल रहा है। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि मल्हनी ग्राम पंचायत के मुनियावा गांव में लगभग एक एकड़ गड्ढेनुमा जमीन पर जेसीबी से खाई लगाकर मेड़बंदी कर दी गई है। इसके चारों तरफ कंटीले तार से घेरकर मात्र दो दर्जन छुट्टा पशुओं को कैद कर दिया गया है, जिन्हें चारा और पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा। वहीं, मलौली दूबे ग्राम में प्राथमिक विद्यालय से सटे एक बगीचे को कंटीली झाड़ियों से घेरकर पशु आश्रय स्थल घोषित कर दिया गया है। यहां न तो वहां कोई पशु है न ही कोई सुविधा। बीडीओ उमाशंकर सिंह ने कहा कि जल्द ही चार्ज लिया हूं। आश्रय स्थलों के निर्माण से संबंधित प्रगति रिपोर्ट और धरातलीय प्रगति का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसमें गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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छुट्टा पशुओं से निजात की उमीद टूटी
कलवारी। बहादुरपुर ब्लॉक की न्याय पंचायत अगौना में बन रहे पशु आश्रय केंद्र की रफ्तार देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसानों को शीघ्र छुट्टा पशुओं से निजात मिलने वाली नहीं है। ग्राम पंचायत कुसौरी के राजस्व गांव सपही में लगभग चार लाख की लागत से पशु आश्रय केंद्र बनाया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण निर्माण कार्य समय से पूरा नहीं हो पा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि किसानों और आमजन को छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम को 10 जनवरी 2019 तक ग्रामीण क्षेत्रों में न्यायपंचायत स्तर पर पशु आश्रय केंद्र बना कर उसमें संरक्षित करने के निर्देश दिए थे। दो माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कलवारी क्षेत्र में एक भी पशु आश्रय केंद्र का निर्माण पूरा नहीं हो पाया। ग्राम प्रधान अजहर नसीम उर्फ बब्लू ने बताया कि पशु आश्रय केंद्र सत्तर प्रतिशत बन कर पूरा हो चुका है। बिजली की व्यवस्था के साथ केंद्र के चारों तरफ बैरिकेडिंग होनी है। एक सप्ताह के भीतर कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद छुट्टा पशुओं को उसमें रखा जायेगा।

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