केंद्रीय उपभोक्ता भंडार के लिए वोट नहीं कर सकेंगे डेलीगेट
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बस्ती। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष प्रेमचंद्र गुप्ता व सदस्य महादेव प्रसाद दूबे ने सहारा इंडिया पर तीन अलग-अलग मामलों में 21 हजार रुपये हर्जाना लगाया है। इसके अलावा तीनों खाता धारकों के जमा रकम की संपूर्ण धनराशि ब्याज सहित कंपनी को अदा करना होगा। कंपनी को 45 दिन के भीतर परिपक्वता तिथि से वास्तविक भुगतान की तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ अदा करना होगा।
पहले मामले में कोतवाली क्षेत्र के पिकौरा शिव गुलाम निवासी वीरेंद्र कुमार ने शाखा प्रबंधक सहारा क्रेडिट कारपोरेेशन मुरलीजोत बस्ती में सहारा एम बेनीफिट स्कीम के तहत चार अप्रैल 2012 को एक-एक हजार रुपये मासिक का तीन खाता खोला था। इसकी परिपक्वता साठ माह की थी। तीनों खातों नियमित रहे और कुल 1.80 लाख जमा हुए। अप्रैल 2017 को यह खाते परिपक्व हुए और इसकी कुल ब्याज सहित रकम की मांग ग्राहक ने कंपनी से की, मगर कंपनी ने इसका भुगतान नहीं किया। कानूनी नोटिस देकर परिवाद दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर फोरम पीठ ने 2.34 लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया है। इसके अलावा सात हजार रुपये मानसिक कष्ट व वाद व्यय के रुपये में अश्दा करना होगा। दूसरे मामले में इसी क्षेत्र के कटरा बाईपास निवासी प्रियंका पांडेय ने इसी कंपनी के शाखा कप्तानगंज में एक हजार रुपये प्रतिमाह की दर से अक्तूबर 2012 में खाता खोला। इसमें 25 हजार रुपये समय सीमा में जमा कर दिए। कंपनी ने समय पर भुगतान नहीं किया और उसे सावधि खाता में फिक्स करने का दबाव बनाया।
इस मामले में फोरम की पीठ ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए 25 हजार रुपये भुगतान करने तथा क्षतिपूर्ति सात हजार अदा करने का आदेश दिया है। इसी प्रकार तीसरे मामले में गांधी नगर निवासी जूही गुप्ता ने परिवाद दाखिल कर कहा कि उसने एक स्कीम के तहत उक्त कंपनी की कोतवाली के निकट स्थित शाखा में रुपये जमा किए। इसकी परिपक्वता 43743 रुपये हुई थी। भुगतान के लिए परिवाद दाखिल किया। इस मामले में फोरम ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए शाखा प्रबंधक को संपूर्ण रकम छह प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज की दर से अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनी को मानसिक कष्ट व वाद व्यय के रूप में सात हजार बतौर क्षतिपूर्ति अदा करना होगा।