बाढ़ : कटरिया-चांदपुर तटबंध का बेस बैठा
बेस डूबने से तटवर्ती गांवों में दहशत, खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू
अमर उजाला ब्यूरो
दुबौलिया। सोमवार सुबह से सरयू का जलस्तर घटने लगा है। लेकिन नदी अभी भी खतरे के निशान से 92.75 मीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर घटने से नदी का बहाव तेज हो गया। कटरिया-चांदपुर तटबंध की सुरक्षा के लिए बना बेस खलवा गांव के पास बैठ गया।
रविवार रात करीब साढ़े 11 बजे तटबंध के बेस बैठने की सूचना पर खलवा, दुबौलिया, धर्मूपुर के गांव में लोगों में हड़कंप मच गया। बेस बैठने से नदी की धारा तटबंध को छू कर बहने लगी है। तत्काल ही बाढ़ खंड के अधिकारियों ने मजदूरों को लगा कर करीब ईंट से भरी बोरियों के सहारे स्थिति पर काबू की। मरम्मत कार्य सोमवार भोर तक चला। सुबह तेज बारिश के चलते मरम्मत कार्य में बाधा हो रही थी। तटबंध पर मिट्टी का काम बारिश के कारण बंद हो गया। बोल्डर को भी ले जाने में वाहनों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिलासपुरा और पहड़वापुर गांव के निकट कृषि योग्य जमीन को नदी की धारा काट रही है। पारा गांव के निकट ठोकर व कटर पर दबाव बढ़ रहा है। किशुनपुर, मोजपुर, रिंगबाध के निकट नाऊपुरवा के पास भी खेती की जमीन धारा में समाहित हो रही है।
नालों से होकर हाईवे पहुंचा रहा पानी
विक्रमजोत। सरयू का पानी नालों से होकर हाईवे तक पहुंच गया है। पुलियों से हाईवे उस पार भी बाढ़ का पानी जा रहा है। भदोई, खतमसराय, मुंडेरीपुर, लालपुर, रानीपुर कठवनिया, केशवपुर के सीवानों में पानी पहुंच गया है। विक्रमजोत-लोलपुर बांध के पश्चिमी ठोकर संख्या एक की मरम्मत कार्य ईंट और बोल्डर से शुरू हुआ है। कई स्थलों पर सरयू की धारा से कटान भी तेज हो गई है। केशवपुर में करार से पानी बहने से लोग परेशान हैं। नदी की कटान से बाघानाला, भरथापुर की ओर नदी का रुख है। प्राथमिक विद्यालय भवन कभी भी धारा निगल सकती है। सहजौरा पाठक की आबादी और नदी के बीच दूरी महज 50 मीटर रह गई है। बांध पर पूर्व में स्थापित बाढ़ चौकी गौरियानैन का छाजन भी ढह गया है। बाढ़ खंड के तैनात अवर अभियंता दयाशंकर सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त ठोकर की मरम्मत का काम तेजी से हो रहा है।
रामपुर तटबंध पर भी बढ़ा दबाव
कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध पर सरयू नदी का दबाव बढ़ गया है। तटबंध को बचाने के लिए मटियरिया गांव के पास बनाए गए स्पर संख्या तीन को नदी करीब 12 मीटर तक काट दी है। सरयू नदी के उग्र होते तेवर से अगल-बगल के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सोमवार सुबह पहले ठोकर नम्बर तीन का नोज कट गया। दिन में ठोकर का करीब 15 मीटर हिस्सा नदी में बह गया। स्पर के लगातार क्षतिग्रस्त होने से धारा तेजी से तटबंध की तरफ बढ़ रही है। बंधे की सुरक्षा के लिए कराये जा रहे काम की गति काफी शिथिल है ।