पिकौरा बक्स में सड़कें टूटीं, नालियां ओवरफ्लो
शहर के पिकौरा बक्स वार्ड के मोहल्ले में घर में जाता है पानी
वर्षों पहले बनी सड़कों व नालियों का अस्तित्व समाप्ति के कगार पर
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। पिकौरा बक्स वार्ड की यह गली लाडली मंजिल गांधी नगर मुख्य बाजार को जोड़ती है। गांधी नगर का डायवर्जन भी इसी मार्ग से होता है, मगर इस मार्ग पर चलना खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि सड़क जगह-जगह टूट गई है और नालियां सड़क तक पहुंच गई हैं, जिससे इस मार्ग पर जरा सी चूक सीधे नाली में पहुंचा देगी। इन नालियों की सफाई भी नहीं होती है, जिससे पानी का बहाव थम गया है और चारों ओर सड़ांध उठती है।
स्टेट बैंक की गली के नाम से मशहूर लाडली मंजिल रोड का करीब सौ मीटर तो ठीक है, मगर उसके बाद जर्जर सड़क व नालियां नजर आएंगी। इस सड़क पर दो पहिया वाहन लेकर चलना इस नाते खतरनाक है कि यहां सड़क का अस्तित्व करीब-करीब समाप्त हो चुका है। यह सड़क नाली से जुड़ गई है। जब स्वच्छता का नारा गूंज रहा है तो इस मार्ग पर गंदगी का बोलबाला है। नालियों से उठती दुर्गंध से यहां मोहल्ला वाले परेशान हैं।
मोहल्ले की बुजुर्ग कुलवंत कौर कहती हैं कि यहां की नाली न जाने कब बनी थी। नाली की दीवार तो न जाने कब से गायब है घर के नींव की दीवार से नाली बहती है, जिससे मकान खतरे में पड़ गया है। इस नाली की सफाई कब हुई थी याद नहीं।
मोहल्ले के तेजपाल सिंह कहते हैं कि नाली का पानी तो घर में घुस जा रहा है। बारिश हो गई तो सब कुछ छोड़कर पहले घर भागते हैं कि पानी घर में से निकालना पड़ता है। नाली साफ न होने से बहाव थमा हुआ है और सड़ांध से यहां घर का दरवाजा खोलने की हिम्मत नहीं होती।
यहीं के निवासी अमर दीप सिंह कहते हैं कि इस गली से आने जाने का सिलसिला इस नाते है कि यहां के निवासी हैं। गली की सड़क पहले नाली से अलग थीं, मगर वर्षों से मरम्मत आदि न होने के कारण नाली व सड़क जुड़ गई है। बहाव न होने के कारण पानी सड़ रहा है और बदबू उठती है। यहां रहना भी खतरनाक है। क्योंकि गंदगी में मच्छर पनपते हैं, जो बीमारी के कारण होते हैं।
इकबाल कौर कहती हैं कि घर से निकलने के बाद वे इस गली में जाना नहीं चाहती। क्योंकि रिक्शे से जाना यहां खतरनाक है। अब तक कई रिक्शा यहां पलट चुका है। सड़क पर गड्ढा होने के कारण पैदल चलने में भी डर लगता है। नालियां भी पट गई हैं। पानी घरों की दीवार के सहारे बह रहा है। क्योंकि नाली की दीवार नहीं है।