टीबी रोग के समूल नाश के लिए केंद्र सरकार रोगियों की पहचान कर उनका इलाज कराएगी। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में जिले के 13 ब्लॉकों के 127 गांव टीबी रोग के लिए संवेदनशील पाए गए हैं। यहां पिछले पांच साल में दो से तीन रोगी मिले हैं। ऐसे में इन गांवों को संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है।
टीबी रोग उन्मूलन के लिए अब स्वास्थ्य विभाग 24 फरवरी से 10 मार्च तक घर-घर घूम कर रोगियों को चिह्नित करेगा। इनके बलगम की दो जांच के बाद यदि टीबी पॉजिटिव मिलता है तो उन्हें केंद्र पर बुलाकर दवा खिलाई जाएगी। यही नहीं ऐसे रोगियों के लिए आशा, एएनएम अथवा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को हर दिन जरूरत के मुताबिक दवा खिलाने के लिए तैनात किया जाएगा।
ये हैं टीबी के लक्षण
दो सप्ताह से अधिक खांसी आना
खांसी के साथ बलगम आना
अचानक तेजी से बगैर प्रयास वजन कम होना
रात में सोते समय बेवजह पसीना आना
सीने में दर्द होना
सीएमओ बोले
सीएमओ डॉ. जेएलएम कुशवाहा ने कहा कि टीबी रोग के उन्मूलन का प्रयास सरकार कर रही है। जिले में संवेदनशील 127 गांवों सूची बना ली गई है। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार कैंप करेगी। जिन गांवों को इस सूची में शामिल किया गया है। वहां पिछले पांच साल में टीबी के तीन-चार रोगी मिले हैं। ऐसे में यह अंदेशा है कि गांव के कम से कम सौ लोग इससे प्रभावित हुए होंगे। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। जो भी रोगी मिलेगा उसकी दवा स्वास्थ्य विभाग कराएगा।