ईवीएम और वीवीपैट से वोटिंग की दी जानकारी
एसडीएम ने सिहबरा बूथ के ग्रामीणों संग बैठक की
हर मतदाता से वोट डालने बूथ तक पहुंचने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
भानपुर। कम मतदान वाले बूथ 284 और 285 प्राथमिक विद्यालय सिहबरा के मतदाताओं के साथ एसडीएम राजेश सिंह ने बैठक की। बृहस्पतिवार को बैठक के दौरान पहले हुए चुनावों में कम मतदान होने के कारणों को समझा। साथ ही 12 मई को होने वाले मतदान में सभी से बिना किसी भय और दबाव के वोट करने की अपील की।
बैठक के दौरान एसडीएम ने गांववालों को ईवीएम और वीवीपैट मशीन से वोट करने की जानकारी दी। ईवीएम पर बटन दबाने के बाद वीवीपैट मशीन में दिखने वाली पर्ची की बाबत भी बताया। एसडीएम ने मतदान और उसके महत्व पर भी प्रकाश डाला। इस मौके पर सुपरवाइजर गिरीश चन्द्र श्रीवास्तव, बीएलओ वंदना शुक्ला, ग्राम प्रधान अतरेजहां, बीएलओ ओमप्रकाश, मोहम्मद इब्राहिम, अर्जुन, मेहम्मद वसीम, आनंद कुमार, पुष्पा देवी, कलामुद्दीन, शायरा बानो, रितेश कुमार, छोटेलाल, गंगाराम, अब्दुल सलाम, राम बुझारत सहित तमाम महिला -पुरूष और युवा मौजूद रहे।
एबीएसए ने जांची व्यवस्था
भानपुर। खंड शिक्षा अधिकारी रामनगर नें बृहस्पतिवार को विद्यालयो की शिक्षा व्यवस्था के साथ ही साथ विद्यालयों पर बने बूथों की मूल भूत व्यवस्था की जांच की। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय उकड़ा में बनाए जाने वाले बूथों की व्यवस्था का जायजा लिया। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की उपस्थिति के साथ ही साथ शिक्षा की गुववत्ता, एमडीएम, चाहरदीवारी, बिजली, शौचालय, रैंप और हैंडपंप की बाबत जानकारी ली जो ठीक मिली। इस मौके पर एबीआरसी पटेश्वरी निषाद के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद रहे।
चुनाव व्यय पर एक सौ विशेषज्ञ करेंगे निगरानी
चुनाव प्रचार के वाहनों पर भी निगहबानी
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार चुनाव व्यय मॉनीटरिंग कमेटी गठित की गई है। इस कमेटी में एक सौ से अधिक विशेषज्ञ प्रत्याशियों के चुनाव खर्च पर नजर रखेंगे। नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही स्टेटिक सर्विलांस टीम तैनात कर दी जाएगी। फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें यानी एफएसटी शिकायत वाले स्थान पर जाकर संबंधित के बारे में पूछताछ करेंगी।
स्टेटिक सर्विलांस टीम यानी एसएसटी को कार्यक्रम या राजनीतिक आयोजन स्थल पर तैनात किया जाएगा। जो स्थलीय गतिविधियों को रिकॉर्ड और नोट करेगा। इसका हैंडीकैम में वीडियो रिकॉर्डिंग भी संबंधित टीम करेगी। यदि एमसीसी के उल्लंघन की कोई बात संज्ञान में आने पर वीडियो सर्विलांस टीम वीडियो देखकर उसी अनुसार प्रत्येक कार्यक्रम पर खर्च की गणना करेगी। फिर लेखा टीम की गणना के बाद अंतिम व्यय का फैसला होगा।
डीएम और जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राजशेखर ने बताया कि चुनाव के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय ने 15 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें, 15 स्टेटिक सर्विलांस टीम और 15 वीडियो निगरानी टीम, पांच लेखा टीम और पांच वीडियो वीविंग टीम (वीवीटी) का गठन किया है। वे एमसीसी प्रावधानों के अनुपालन की निगरानी और चुनाव खर्च के लिए गठित 15 एमसीसी टीमों के अलावा हैं। प्रत्येक टीम में एक अधिकारी/मजिस्ट्रेट और दो से तीन पुलिस अधिकारी तैनात किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उम्मीदवार या राजनीतिक दल आयोग के मानदंडों और दिशा निर्देशों का उल्लंघन नहीं कर सकता है। उक्त टीम बैंकों के लेन-देन, अवैध संतुष्टि मामले, शराब वितरण, मुफ्त और नकद वितरण आदि सहित सभी प्रकार के खर्चों पर कड़ी नजर रखेंगी। यदि कोई भी राजनीतिक दल अथवा उसका समर्थक या प्रत्याशी नकद, मुफ्त, झूठ या अन्य तरह के अनुदान बांटते पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। उक्त के अलावा टीम प्रचार वाहनों के आवागमन पर निगरानी के अलावा होटल, ढाबे व अन्य स्थलों पर औचक जांच भी करेगी।
नहीं हटे होर्डिंग और बैनर, नाराजगी
गैर भाजपा राजनीतिक दलों ने बैनर व पोस्टर हटवाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
गायघाट। लोकसभा चुनाव के मद्देनजर चार दिन पहले आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है बावजूद इसके कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र में कई जगह राजनीतिक दलों के प्रचार होर्डिंग व बैनर अभी भी लगे हुए हैं। जिसको लेकर प्रशासन उदासीन बना हुआ है। उधर, विपक्षी दलों में इसको लेकर आक्रोश पनप रहा है।
चुनाव अध्यादेश जारी होते ही प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए तमाम बैनर, पोस्टर हटवा दिया था। उसके बाद प्रशासन सुस्त हो गया। जिससे महादेवा विधान सभा क्षेत्र के गायघाट कस्बे के पास स्थित उच्च प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बनहरा परिसर में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के चित्र सहित लगा आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना वाला स्वास्थ्य विभाग का बड़ा होर्डिंग व डेल्हवा सहित कई स्थान पर सौभाग्य योजना का दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का बोर्ड आज भी लगा हुआ है। सपा, बसपा के कार्यकर्ताओं ने तत्काल उक्त बैनर व बोर्ड को हटाए जाने की मांग की है।
खास खबर
चमकाए बिना जमा किए तो जंग खा जाएंगे शस्त्र
ज्यादातर थानों के शस्त्रागार में जबरदस्त सीलन
तीन महीने में बैरल और पुर्जों में आने लगती है खराबी
वीरेंद्र पांडेय
बस्ती। अगर आप चाहते हैं कि आपका पसंदीदा असलहा चुनाव खत्म होने के बाद चमचमाता हुआ मिले तो उसे जमा कराने से पहले ठीक ढंग से साफ-सफाई कर दें। क्योंकि थानों के शस्त्रागार इस काबिल नहीं हैं कि उनमें कोई आग्नेयास्त्र जैसे राइफल, पिस्टल, रिवाल्वर अथवा अन्य एक नाली या दुनाली बंदूक तीन माह तक सुरक्षित रख सके। सीलन भरे शस्त्रागार में पुलिस के अपने असलहे सुरक्षित नहीं रहते तो पब्लिक का क्या होगा, यह समझना आसान है।
जिले में कुल 6533 लाइसेंसी असलहे हैं। पुलिस निर्वाचन कार्यालय के अनुसार बृहस्पतिवार तक 1487 शस्त्र जिले से संबंधित थानों पर जमा कराया जा चुका है। एसपी पंकज कुमार का कहना है कि दो हफ्ते के भीतर बाकी शस्त्र भी जमा करा लिए जाएंगे। असल में आचार संहिता लागू होते ही लाइसेंसी असलहों को जमा कराने का दबाव काफी बढ़ चुका है। पुलिस अपने तरीके से जमा कराने की कोशिश में जुटी है। जानकार बता रहे हैं कि नियम-कानून के अलावा सुरक्षा के लिहाज से भी लाइसेंसी असलहे जमा करा देने में ही भलाई है। लाइसेंस बनवाने से लेकर बंदूक खरीदने तक सांसत झेलने वाला लाइसेंसी कोई जोखिम नहीं लेता। लेकिन थानों के शस्त्रागार में रख-रखाव और मेंटीनेंस का इतना अभाव है कि ज्यादातर असलहे असुरक्षित रखे जाते हैं। जंग लगने के साथ ही उनमें अन्य तकनीकी खराबियां भी आ जाती हैं। दुकानों पर बंदूकों की देखभाल का प्रबंध अपेक्षाकृत बेहतर होता है लेकिन आम लाइसेंसी पुलिस पर ही भरोसा करते हैं और अपने असलहे थाने में ही जमा कराते हैं।
सावधानी ही बचाव है
बंदूक साफ करने से पहले दो-तीन बार यह जांच लें कि गोली तो नहीं है।
मैगजीन निकालने के बाद भी जांच लें कि चैम्बर या नली में कोई कारतूस तो नहीं।
सेमी-ऑटोमेटिक राइफल और पिस्तौल के मुख्य पार्ट्स बैरल, स्लाइड, गाइड रॉड, फ्रेम, और मैगजीन को अलग करना पड़ता है लेकिन रिवाल्वर, शॉटगन, या अन्य कई प्रकार की बंदूकों को साफ करने के लिए उनके पुर्जे अलग करने की जरूरत नहीं पड़ती।
नली को बोर स्नेक से साल्वेंट का प्रयोग करें और ब्रश के पीछे गन कंडीशनर या किसी लुब्रिकेंट का प्रयोग करें।
साफ-सफाई में पैच होल्डर के साथ क्लीनिंग रॉड, बोर ब्रश, कॉटन मॉप क्लीनिंग साल्वेंट, कॉटन पट्टियां, गन कंडीशनर, गन ब्रश की जरूरत होती है।
फैक्ट फाइल
बारिश होने, सीलन लगने की वजह से बंदूकों में जंग लग जाती है।
सीलन भरे थानों के मालखाने में बंदूक जमा कराई जाती है।
मालखानों में जमा असलहे कम से कम तीन माह तक पड़े रहते हैं।
समुचित रख-रखाव के अभाव और उठा-पठक में असलहे प्रभावित होते हैं।
कंपनी कर्मचारियों का आई कार्ड भी मान्य
बस्ती। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. राज शेखर ने बताया कि लोक सभा सामान्य निर्वाचन 2019 में मतदाताओं की पहचान में 11 दस्तावेज शामिल किए गए हैं। आयोग ने मतदाता पहचान पत्र के अलावा पासपोर्ट, डीएल, केन्द्र/राज्य सरकार के उपक्रम या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों के अपने कर्मचारियों को जारी फोटो युक्त पहचान पत्र, बैंकों, डाकघरों के पासबुक, पैन कार्ड, स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड मान्य होंगे। साथ ही सांसदों, विधायकों की ओर से जारी किए गए पहचान पत्र एवं आधार कार्ड मतदान के लिए अनुमन्य है। डीएम ने बताया कि मतदाता पहचान पत्र के मामले में मामूली विसंगतियां नजरअंदाज की जा सकती हैं।
विद्यालयों के मतदान स्थलों पर अंधेरे में कटेगी रात
- जिले के 818 प्राथमिक व 274 जूनियर विद्यालय बगैर कनेक्शन
- शिक्षा विभाग के कनेक्शन आवेदन के बाद भी नहीं मिली सुविधा
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। मतदान को लेकर प्रशासनिक तंत्र खूब मशक्कत कर रहा है। व्यवस्थागत खामियो को दूर करने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए है, मगर उसकी नजर अब तक बिजली व्यवस्था पर नहीं पड़ी है। तभी तो जिले के 1092 विद्यालय जिन्हें मतदान स्थल बनाया गया है में अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में मतदान के एक दिन पहले यहां पहुंचने वाली टीम की रात अंधेरे में कटेगी। चूंकि चुनाव की तिथि मई माह में तय हुई है। ऐसे में अंधेरे के साथ तीखी गर्मी भी इन मतदान कर्मियों को झेलना होगा।
जिले में कुल 1747 प्राथमिक व 637 जूनियर हाईस्कूल के विद्यालय हैं। हर चुनाव में यह विद्यालय पोलिंग स्टेशन बनाए जाते हैं और यहां पहुंचने वाले मतदान कर्मी जैसे-तैसे रात गुजारते हैं। इस बार केंद्र सरकार ने गांव-गांव, गली-गली बिजली कनेक्शन की व्यवस्था के तहत सौभाग्य योजना लागू की, मगर दुर्भाग्य से इन विद्यालयों को अब तक इस योजना से लाभान्वित नहीं किया जा सका है। हालांकि विभागीय जिम्मेदार यह कहते हैं कि सौभाग्य योजना में कनेक्शन के लिए आवेदन के अलावा यहां बिजली नहीं होने की सूची भी दी गई है, मगर अब तक उन विद्यालयों को योजना से जोड़ा नहीं जा सका है। ऐसे में यहां 818 प्राथमिक व 274 जूनियर हाईस्कूल विद्यालयों में कनेक्शन नहीं है और इन्हें मतदान स्थल के रूप में जिला प्रशासन ने तय किया है।
पैकोलिया प्रतिनिधि के अनुुसार प्राथमिक विद्यालय पकड़ीजप्ती, असनहरा, इमिलिया, गड़हा पांडेय तथा चांदा बुजुर्ग में मतदान होना है, मगर यहां कनेक्शन नहीं है।
गौर प्रतिनिधि के अनुसार विकास क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय केसरई, मंसूर नगर, गौर, मझौवादूध नाथ, गोभिया, बुढौवा, नरथरी, खजुहा आदिविद्यालय मतदान केंद्र हैं, लेकिन कहीं पर बिजली की व्यवस्था नहीं है।
बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के मतदान केन्द्र प्राथमिक विद्यालय मरवटिया उर्फ जोगिया, एकमा, गंगौरा , अशरफपुर, सिकराखुर्द, महथा आदि विद्यालयों पर बने बूथो पर बिजली कनेक्शन नहीं है।
बीएसए अरुण कुमार ने कहा कि बगैर कनेक्शन सभी विद्यालयों की सूची बिजली निगम के उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दी गई है। बिजली कनेक्शन उनकी जिम्मेदारी है।