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तो बदतर हो गई शहर के सड़कों की दशा

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बदतर हो गई शहर की सड़कों की दशा
जिम्मेदारों की उपेक्षा, नागरिकों पर भारी
मुख्य मार्गों पर जगह-जगह गड्ढे, यात्रा संकट में
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। शहर का नाम लेते ही सड़क, बिजली, पानी व अन्य मूलभूत सुविधाओं की चाक चौबंद छवि उभरती है। मगर अपने शहर की स्थिति इससे इतर है। यहां बिजली पानी तो ठीक है, मगर सड़कों की हालत अच्छी नहीं है। यह यूं ही नहीं कहा जा रहा है। यहां की मुख्य सड़कों पर गाड़ी लेकर चलना आसान नहीं है। गली मोहल्लों की बात छोड़ दें, मुख्य मार्गों पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे नजर आ जाएंगे। हालांकि, पिछले कुछ समय की बात छोड़ दी जाए तो पालिका के इन सड़कों को व्यवस्थित कराने के तमाम प्रयास हुए हैं, मगर इधर कुछ समय से जिम्मेदार इसे उपेक्षित किए हुए हैं, जो नागरिकों पर भारी पड़ रहे हैं।
बात शुरू करते हैं हाईवे को जोड़ने वाले द्विजेश यानी पचपेड़िया मार्ग से। इस पर गाड़ी तो दूर पैदल चलना भी खतरनाक है। दो वर्ष पहले लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई यह सड़क कल की बात तो गई है। क्योंकि पालिका क्षेत्र में पड़ने वाली करीब आधा किमी के इस मार्ग की पेंटिंग तो गायब ही हो गई है। इसकी गिट्टियां व मिट्टी भी बिखर गई हैं, जिससे सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं।
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अब आइए चलते हैं गांधी नगर मुख्य बाजार व रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाले चइयाबारी व दक्षिण दरवाजा मार्ग मार्ग पर। चइयाबारी में एक ओर सड़क पर तीन चार स्थानों पर सड़क टूट गई है, जिससे गड्ढा बन गया है। अब जरा सी नजर हटी तो दुर्घटना तय मानें। रोडवेज तिराहे पर भी यही हाल है। मालवीय मार्ग पर नेहरू चौराहे से मुड़ें तो एक ओर पटरियों पर अतिक्रमण है तो दूसरी ओर मुख्य सड़क के बीचोंबीच दो बड़े और चौड़े गड्ढे आपका स्वागत करेंगे। रात के अंधेरे में यहां अचानक गाड़ी गड्ढे में गई तो डिवाइडर से भिड़ना तय है। शहर की सड़कों के हालत पर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण त्रिपाठी कहते हैं कि पचपेड़िया मार्ग के निर्माण का प्रस्ताव तैयार है, जबकि सड़कों की मरम्मत की भी तैयारी चल रही है। शीघ्र ही गड्ढों को पाट कर उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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