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जिले में एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात

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एटीएम - फोटो : amar ujala
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बस्ती। लगन, एडमिशन और कटाई मड़ाई का खर्च हर किसी की जरूरत है। ऐसे सीजन में पहले एटीएम अब बैंक भी ठेंगा दिखा रहे हैं। लोगों को अपनी कमाई वापस लेने में पूरा दिन गुजारना पड़ रहा है। हालात यह कि बैंक के बाहर बैठे खाताधारक कैश वैन आने की राह देखते रहते हैं।
जिले में 27 बैंकों की 178 शाखाए हैं। इनके 123 एटीएम लगे हैं। जिनमें जिला मुख्यालय पर 42 तो बाजारों और कस्बों में 82 एटीएम स्थापित हैं। लेकिन नकदी की कमी के चलते अधिकांश के शटर गिर चुके हैं। सबसे बुरे हालात ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों की है। वहीं बैंकों में भी मांग के अनुसार रकम नहीं दी जा रही है। बृहस्पतिवार को बैंक के आस पास रहकर लोग कैश वैन का इंतजार करते रहे। हालांकि लीड बैंक प्रबंधन का कहना है कि 25000 हजार से अधिक जमा करने पर लगने वाला सर्विस चार्ज खत्म कर दिया गया है। दुकानदारों और उद्यमियों से मिल रही नकदी आवश्यकतानुसार ग्राहकों को दी जा रही है।
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सल्टौआ प्रतिनिधि के मुताबिक पीएनबी में लोग कैश आने का इंतजार कर रहे थे। कुछ समय बाद कैश आया भी लेकिन आवश्यकता अनुसार रुपये नहीं मिलने पर मायूस होना पड़ा। एसबीआई पहुंचीं विमला देवी ने कहा कि बेटी की शादी है। 50 हजार की जरूरत है। बहुत विनती की तो 15 हजार बैंक से मिला। अंबिका प्रसाद ने बताया 24 हजार चाहिए था। दो दिन से बैंक का चक्कर लगा रहा हूं। प्रहलाद , ध्रुव चंद ने बताया इसी महीने घर में शादी है लेकिन सामान खरीदने के लिए रुपये नहीं। सल्टौआ में लगा एटीएम बंद है।नईम शाह ने बताया रामनगर , भानपुर में लगे एटीएम में भी नकदी नहीं होने से मुश्किलें आ रही हैं। शाखा प्रबंधक राकेश कुमार ने बताया बैंक में कैश कम आने से परेशानी हो रही है।
विक्रमजोत प्रतिनिधि के मुताबिक एटीएम गेट पर ऽनो कैशऽ का बोर्ड लगा दिया गया है।बैंक में लंबी लाइनें हैं। खाताधारकों में जबरदस्त आक्रोश है। ब्लॉक क्षेत्र में पूर्वाचंल बैक, एसबीआई, पीएनबी, सहकारी सहित पांच बैंकों की नौ शाखाएं हैं। पांच एटीएम हैं जिनमें चार पर ऽनो कैशऽ का बोर्ड लगा दिया गया है केवल पीएनबी छावनी का एक एटीएम कैश खत्म होने तक चलता है। ईंट-भट्टा मालिक अनिल सिंह बब्बू ने बताया कि नकदी की समस्या से व्यवसाय प्रभावित है।गुंडाकुंवर के अरविंद सिंह बैक कर्मियों को ही इसके लिए कठघरे में रखते हैं। कहते हैं कि बड़े ठेकेदारों और दलालों को भुगतान पहले मिल जाता है बाकी लोग लाइन में खडे रह जाते हैं। शंकरपुर ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि जगदम्बा यादव ने बताया कि मनरेगा मजदूरों के भुगतान में समस्या हो रही है। प्रधानाचार्य विजयसेन का कहना है छात्रवृत्ति और शिक्षको के वेतन आदि के लिए बैकं से भुगतान नहीं मिल रहा है। पंजाब नेशनल बैक के प्रबंधक कौशल वाजपेयी का कहना है कि दो काउंटर खोले गए हैं। कुछ दिनों की ही दिक्कत है। एसबीआई छावनी शाखा प्रबंधक विनोद दीक्षित ने बताया कि उनका एटीएम खराब है काउंटर से भुगतान बराबर हो रहा है।
गायघाट प्रतिनिधि के अनुसार कुसौरा बाजार के अशोक मिश्र का कहना है कि एसबीआई पोखरनी में व्यवसायियों व चहेतों का कार्य अंदर से हो जाता उन्हें लाइन में भी खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती।कुछ ही समय में नो कैश का बोर्ड लगा दिया जाता है।कुछ खाताधारकों का कहना है कि शाखा प्रबंधक की लापरवाही के चलते रुपये निकलना तो दूर ट्रांसफर, पासबुक बदलना, पासबुक प्रिंट, केवाईसी जैसे छोटे छोटे कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। सेमरा चीगन निवासी राम प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि 27 अप्रैल को तिलक है पिछले चार दिन से बैंक का चक्कर लगा रहे हैं।
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वाल्टरगंज प्रतिनिधि के मुताबिक दीगर निवासी राम लगन के बेटी की शादी 11 मई है। सामान की खरीददारी नहीं कर पाया। रघुनाथपुर की बादामा कहती हैं कि एक सप्ताह से रोज बैंक आ रही लेकिन रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। 29 अप्रैल को बेटे की शादी है।बानगढ़ निवासी त्रिभुवन के बेटे की 30 अप्रैल को शादी है। बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। बहेरिया निवासी पट्टे ने बताया कि उसको खेत कटवाने के लिये रुपये नहीं मिल पा रहे हैं।
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