अफसरों का हुजूम भी नहीं दिला पा रहा न्याय
बस्ती।
तहसील दिवस का नाम बदलने के बाद भी फरियादियों को उसका लाभ नहीं मिल रहा है। अफसरों का हुजूम होने के बाद भी फरियादियों को न्याय के लिए काफी दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। बावजूद उन्हें न्याय के स्थान पर अधूरी जांच रिपोर्ट मिलती है। मौके पर न्याय मिलने की प्रगति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। यह स्थिति मंगलवार को चारों तहसीलों में देखने को मिली।
पहले तहसील दिवस और अब संपूर्ण समाधान दिवस। नाम तो बदल दिया लेकिन तरीका वही रहा। हालांकि, सरकार ने जो संपूर्ण समाधान का कंसेप्ट बनाया है। उसे अगर पूरा कर दिया तो संपूर्ण समाधान दिवस का महत्व बढ़ जाए और सरकार की मंशा भी पूरी हो सकेगी। हर्रैया तहसील में डीएम और एसपी सहित जिले भर के अधिकारी मौजूद रहे। फिर भी मौके पर न्याय मिलने की प्रगति में कोई सुधार नहीं हुआ। कुल 103 फरियादी आए मगर न्याय मात्र 18 को ही मिला। यह उस संपूर्ण समाधान दिवस की है। जहां पर अफसरों का जमावड़ा रहा। यही स्थिति बस्ती सदर, भानपुर और रुधौली तहसीलों की रही। इन तहसीलों में आवेदन दर्ज कराने के लिए फरियादियों की तो लंबी लाइन लगी रही। न्याय न मिलने से फरियादियों का विश्वास तहसील दिवस से उठता जा रहा है।
प्रधान ने की जमीन पर कब्जे की शिकायत
सोनहा।
क्षेत्र पंचायत सल्टौआ गोपालपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत पड़री की प्रधान सुशीला और गांववालों ने संपूर्ण समाधान दिवस में एक पत्र देकर कहा कि सोनहा बाजार निवासी एक व्यक्ति सरकारी जमीन को जबरदस्ती और राजनीतिके बल पर कब्जा कर रहा है। प्रार्थना पत्र पर एसडीएम भानपुर ने प्रभारी निरीक्षक सोनहा को आदेश दिया। सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रुकवा दें तो एसडीएम के आदेश पर हलका सिपाही को भेजकर अवैध निर्माण को रोक दिया गया।
जानमाल की सुरक्षा की गुहार लगाई
सोनहा। क्षेत्र के सेखुई गांव के शिव लखन मौर्य ने संपूर्ण समाधान दिवस में एक प्रार्थना पत्र देकर जान माल के सुरक्षा की गुहार लगाई है। कहा कि चाचा, चाची उन्हें प्रताड़ित करती रहती हैं। इससे शांति भंग होने की आशंका बनी रहती है। इसलिए उनके जान माल सुरक्षा की जाए।